कई प्रशासनिक बदलावों के बाद मोदी सरकार देश का राष्ट्रीय पशु भी बदलने जा रही है। अब भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ की जगह शेर को बनाने पर विचार किया जा रहा है।
लेकिन मोदी सरकार के इस विचार ने वन्य जीव कार्यकर्ताओं को चिंता में डाल दिया है। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार, वन्य जीव कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार के इस कदम से बाघों को बचाने का अभियान मुश्किल में पड़ सकता है क्योंकि सरकार बाघ अभ्यारण्यों के नजदीक प्रस्तावित औद्योगिक प्रोजेक्ट्स का रास्ता आसान करने में जुटी है।
बाघ की जगह शेर को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का प्रस्ताव झारखंड से राज्यसभा सांसद परिमल नाथवानी जो कि खुद एक उद्यमी हैं ने सरकार को भेजा है। गौरतलब है बाघ को 1972 से राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिला हुआ है।