नरेंद्र मोदी सरकार ने एक साल में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के करीब 4300 हिंदुओं और सिखों को नागरिकता प्रदान की है। इसे पड़ोसी देशों के करीब दो लाख शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने के पहले कदम के तौर पर देखा जा रहा है। यूपीए-2 के पूरे कार्यकाल के दौरान 1,023 लोगों को नागरिकता दी गई थी।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की पहल पर इन शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान की गई है। भाजपा की नीति है कि भारत शरण मांगने वाले ‘सताए हुए हिंदुओं का स्वाभाविक घर’ है।
प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा चुनाव अभियान के दौरान कहा था कि पाकिस्तानी और बांग्लादेशी हिंदू शरणार्थियों से दूसरे भारतीय नागरिकों की तरह ही व्यवहार होगा। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के करीब दो लाख हिंदू और सिख शरणार्थी इस समय भारत में रह रहे हैं।