फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...और दहाड़ने वाले मोदी की भर आईं आंखें

विज्ञापन
विज्ञापन
अपनी कठोर छवि के लिए जाने जाने वाले नरेंद्र मोदी को मंगलवार को देश दुनिया ने पहली बार भावुक होते देखा। उनकी आंखें नम हो गई और गला रुंध गया और बेहद रुआंसे से हो गए।
विज्ञापन


यह देखकर कुछ पलों के लिए सेंट्रल हॉल में सन्नाटा छा गया। मोदी को भावुक देख कई सांसदों की आंखें भी नम हो गईं।

भाजपा संसदीय दल की बैठक के दौरान ऐसे कई क्षण आए, जब पूरा हॉल गमगीन हो गया। आडवाणी भी उस वक्त भावुक हो गए जब मोदी ने उनके पांव छुए।

अटल को याद करके भावुक हुए मोदी

मोदी को गले लगाते हुए भी आडवाणी की आंखें नम नजर आईं। इसके अलावा लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद कर भी मोदी भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि आज अटल जी स्वस्थ होते तो सोने में सुहागा होता।

संसदीय दल का नेता चुने जाने के बाद सांसदों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि वह आडवाणी जी से प्रार्थना करते हैं कि कृपा शब्द का उपयोग न करें। माइक के सामने खड़े मोदी का गला भर आया। आंखों में आंसू लिए मोदी ने अपना सिर झुका लिया।

आडवाणी से क‌िया आवेदन

कुछ देर के लिए पूरे हॉल में सन्नाटा छा गया। मोदी ने पानी देने का इशारा किया। राजनाथ सिंह ने आंसू पोंछने के लिए रुमाल भिजवाया। इस दौरान आडवाणी उन्हें एकटक देखते रहे।

खुद को संभालते हुए मोदी ने कहा कि आडवाणी जी ने कहा कि यह नरेंद्र भाई की कृपा है।

उन्होंने कहा कि क्या मातृ सेवा कभी कृपा हो सकती है, कतई नहीं हो सकती। जैसे भारत मेरी मां है, वैसे ही भाजपा भी मेरी मां है, इसलिए बेटा कभी मां पर कृपा नहीं कर सकता, बेटा सिर्फ समर्पित भाव से मां की सेवा कर सकता है।

घोसी कार्यक्रम को लेकर मोदी को दुख

दरअसल आडवाणी ने कहा कि मोदी की कृपा से यह ऐतिहासिक दिन देखने का मौका मिला है। मोदी ने जब चुनाव प्रचार अभियान की एक घटना का जिक्र किया तब भी माहौल गमगीन हो गया। मोदी ने कहा कि वे कई दिनों से दौड़ रहे है।

15 सितंबर से 10 मई के दौरान सिर्फ नौ मई को घोसी का एक कार्यक्रम रद्द करना पड़ा क्योंकि वहां भाजपा के जिलाध्यक्ष सुशील राय की अकस्मात मृत्यु हो गई। मोदी से पहले आडवाणी भी कई बार भावुक हुए।
विज्ञापन

सेंट्रल हॉल में पहली बार आए मोदी

जब उन्हें बोलने का मौका दिया गया तो उन्होंने कहा कि वह अकसर भावुक हो जाते हैं। उन्होंने कई घटनाओं का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा कि जीवन में कुछ प्रसंग, क्षण ऐसे होते हैं, जिसे हर व्यक्ति जीवन भर याद रखता है और कहता है, ये भी हुआ था। यह मौका भी इनमें से एक है।

आडवाणी ने कहा कि जैसे कि नरेंद्र भाई और नितिन गडकरी ने कहा कि वे सेंट्रल हॉल में पहली बार आए हैं। ये भी उनके जीवन में ऐतिहासिक प्रसंग बनेगा। उन्होंने कहा कि वे मानते हैं कि नरेंद्र भाई के माध्यम से चले चुनाव अभियान के कारण ही वे यहां बैठे हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें