नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को गुजरात को 'गुडबॉय' कह दिया। गांधीनगर में उन्होंने अपनी मां हीराबा से मुलाकात की, आशीर्वाद लिया और दिल्ली की ओर रुख कर दिया।
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लोकसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद भी मोदी ने अपनी मां से भेंट की थी, लेकिन कल की भेंट कई मायनों में अलग थी। मां हीरा बा ने मोदी को अपने पास बिठाया, दुलार किया। अपने हाथों से बनाए हलवे से मुंह मीठा कराया और मोदी को शगुन के तौर पर एक सौ एक रुपए दिए।
मोदी ने मां के पैर छूए और उन्होंने सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। चार्टर्ड विमान में बैठने से पहले मोदी ने कहा, 'गुजरात के सवा छह करोड़ लोगों को मेरा आवजो (गुडबॉय)।
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गुजरात से दिल्ली अकेले नहीं आ रहे मोदी
13 सालों तक गुजरात की सत्ता संभालने के बाद नरेंद्र मोदी दिल्ली अकेले नहीं आ रहे हैं। वे साज-ओ-सामान, खानासामा और सहयोगी, जो पिछले कई सालों से मोदी के साथ रहे, वे भी दिल्ली आ रहे हैं।
दुनिया भर में फैशन का नया ब्रांड बन चुका मोदी का हाफ स्लीव का कुर्ता भी दिल्ली पहुंच चुका है। मोदी कुर्ते और घडियों से भरा बैग गुजरात भवन भेजा जा चुका है। संभवतः 26 मई को नरेद्र मोदी के शपथ ग्रहण के बाद इन्हें 7, रेसकोर्स रोड भेज दिया जाएगा।
देश के प्रधानमंत्री मोदी का यही अगला पता होगा। अहमदबाद से ऐसी कई चीजें दिल्ली भेजी गई हैं, जो मोदी रोजमर्रा में इस्तेमाल करते हैं।
मोदी के सामानों में योग की चीजें और गैजेट्स
मोदी ने जवानी के दिनों में ही घर छोड़ दिया था, आरएसएस में शामिल होने के बाद से ही वे कुंवारा जीवन जी रहे हैं, इसलिए ऐसे सामानों की संख्या भी ज्यादा नहीं रही, जिन्हें अहमदाबाद स्थित मुख्यमंत्री आवास से दिल्ली लाया जाए।
कपड़े और घड़ियों के अलावा जिन सामानों को दिल्ली लाया गया है, उनमें योग की चीजें और ट्रेडमिल शामिल है। मोदी योग के बहुत बड़े मुरीद हैं और अपनी फिटनेस को लेकर चौकन्ने।
मोदी ने हमेशा कहा है कि वे 'वर्कोहॉलिक' और उनकी ऊर्जा का राज योग है। मोदी के सामनों में उनकी किताबें, आईपैड और लैपटॉप भी शामिल है।
खानसामे को भी साथ ला रहे हैं पीएम मोदी
वैसे तो प्रधानमंत्री के खानपान के लिए उच्च स्तर के इंतजाम होते हैं। प्रधानमंत्री का ये सिरदर्द भी नहीं होता कि उसका खाना पका कौन रहा है? लेकिन मोदी का मामला थोड़ा अलग है।
शाकाहारी खाने के शौकीन मोदी अपने साथ अपना प्रिय खानसामा भी ला रहे हैं। मोदी का रसोइयां बद्री पिछले 10 सालों से उनके लिए खाना पका रहा है। मोदी खाने के शौकीन है, बुधवार को गुजरात विधानसभा में उन्होंने इस शौक का संकेत भी दिया था।
उन्होंने कहा था, 'अब पीएमओ में भी गुजराती बोली जाएगी, खमन और ढोकला खाया जाएगा और खाकरा के मार्केट की तरक्की होगी।
मोदी के साथ उनके सहयोगी दिनेश ठाकुर और ओपी सिंह भी दिल्ली आ रहे हैं। अव वे दोनों भी प्रधानमंत्री आवास में ही रहेंगे।
मोदी ने अपने जरूरत की चीजें और सहयोगियों को दिल्ली बुला लिया है।
लेकिन मुख्यमंत्री रहते हुए 13 सालों में कमाई गई अपनी सैलरी उन्होंने वहीं छोड़ दी है। मोदी के एक सहयोगी के मुताबिक, मोदी इस पैसे का इस्तेमाल मुख्यमंत्री सचिवालय के स्टाफ के बच्चों की शिक्षा के लिए करना चाहते हैं।