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तीखी हुई मोदी और मुलायम की जुबानी जंग

Sun, 16 Feb 2014 10:51 AM IST
राजन राय/अमर उजाला, गोरखपुर
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वेटिंग इन पीएम नरेंद्र मोदी और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव में 23 दिन पहले शुरू हुई जुबानी जंग शनिवार को और तीखी हो गई। मुलायम ने सिखों को गुजरात से भगाने की बात कहकर मोदी के सुशासन पर वार किया तो उनके प्रमुख सिपहसलार आजम खां ने भी जमकर तंज कसे।
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काशी में 23 जनवरी को मुलायम ने जब दंगों के मसले पर यूपी को गुजरात नहीं बनने देंगे, कहकर मोदी को घेरने की कोशिश की तो उसी दिन मानबेला की रैली में मोदी ने मुलायम पर जमकर हमला बोला था। शायद उस हमले की टीस मुलायम के मन में थी।

वहीं आम चर्चा में भी यह बात थी कि मुलायम रैली के बहाने मोदी पर मानबेला से ही जवाबी हमला बोलेंगे, हुआ भी कुछ यही।

यूपी बनाम गुजरात जंग को दी हवा

करीब चार घंटे देरी से आए मुलायम ने मंच संभालते ही मोदी पर परोक्ष रूप से निशाना साधना शुरू कर दिया। भाषण की शुरुआत ही मोदी द्वारा दी गई चुनौती से की।

मुलायम ने यह कहकर कि गुजरात में सिखों की जमीन छीनी जा रही है, उन्हें भगाया जा रहा है और हम यूपी में सभी को बसाते हैं, यूपी बनाम गुजरात की जंग को और हवा देने की कोशिश की।

गुजरात में 24 घंटे बिजली के मुद्दे पर खामोश रहे, लेकिन पढ़ाई, मुफ्त इलाज, रोजगार आदि जनता से जुड़ी प्रदेश सरकार की योजनाओं का जिक्र कर मोदी द्वारा उठाए गए विकास के मुद्दों पर जवाब दिया।

मोदी पर आजम ने भी साधा निशाना

हालांकि मुलायम ने सीमित दायरे में रहकर ही मोदी पर निशाना साधा, समय की कमी के चलते चाहकर भी बहुत कुछ नहीं कह पाए। लेकिन नगर विकास मंत्री आजम खां की शैली आक्रामक रही। उनके निशाने पर मोदी ही थे।

रैली में मौजूद भीड़ आजम से इसी शैली की उम्मीद भी पाले थी। आजम ने 56 इंच के सीने की जगह छाती शब्द कहकर कटाक्ष किया।

जाते-जाते मोदी को नसीहत भी दी कि ‘अगर रैली को टीवी, सोशल मीडिया के जरिए देख या सुन रहें हों तो इतना जान लीजिए, आप सिर दिखाते हैं और हमारी रैली में आए कार्यकर्ता सिर कटाना भी जानते हैं।’

छाती और सीने में उलझा गए आजम

मोदी की चुनौती पर नगर विकास मंत्री आजम खां के जवाब ने लोगों को उलझा दिया। अपने खास अंदाज से भीड़ को खुद से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि ‘नेता जी’ को चुनौती देते वक्त मोही ने 56 इंच की छाती की बात तो कह दी लेकिन उन्हें छाती और सीने का फर्क नहीं पता।

बोले-उन्हें मालूम होना चाहिए कि हम सीने वालों से मुकाबला करते हैं। जनाने-मर्दाने का मुकाबला नहीं होता। आजम ने कहा कि कोठियों और बंगलों में रहने वाले कभी देश की ताकत नहीं बन सकते। देश की ताकत तो गरीब, किसान और युवा हैं, जो ‘नेताजी’ को अपना असली नेता मानते हैं।

आजम के इस तंज पर रैली स्थल पर मौजूद भीड़ के बीच खूब तालियां बजीं लेकिन रैली खत्म होने तक लोग यह सवाल उठाते देखे गए कि मोदी के भाषणा ‘सीने’ का ही इस्तेमाल हुआ था फिर ‘छाती’ की बात कहां से आ गई।
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रैली को हाईटेक बनाने में भाजपा से आगे सपा!

भीड़ जुटाने में नरेंद्र मोदी आगे रहे या फिर मुलायम सिंह यादव, इसका अनुमान तो विश्लेषक ही लगाएंगे। लेकिन एक बात तय है कि रैली को हाईटेक बनाने में भाजपा के लोग पीछे छूट गए। मानबेला में सपा की पूरी रैली हाईटेक थी। मैदान में लोगों के मूड से लेकर नेताओं के भाषण और मुलायम के हेलीकॉप्टर से उतरने तक का रैली स्थल पर सजीव प्रसारण हो रहा था।

सपा ने रैली को हाईटेक बनाने में कोर कसर नहीं छोड़ी। पूरे मैदान में कई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। मुख्य मंच पर दो विशाल स्क्रीन लगी हुई थीं। इन पर रैली की हर गतिविधि का सजीव प्रसारण हो रहा था। कभी फूलों से सजा मंच दिखता तो कभी भीड़ के उत्साह की झलक। इतना ही नहीं मुलायम सिंह और अखिलेश आए तो हेलीपैड तक का नजारा स्क्रीन पर देख लोग दंग रह गए।

नेताओं के हेलीकॉप्टर से उतरने तक की हर गतिविधि स्क्रीन पर दिखाई गई। मुलायम सिंह भी इसकी तारीफ किए बिना नहीं रह सके। हालांकि उन्होंने मोदी की रैली पर कटाक्ष करते हुए ही अपनी बात कही। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों ने 200-300 करोड़ खर्च किए थे। लेकिन सपा के कायकर्ताओं ने कुछ लाख रुपये जुटाकर ठीक-ठाक मंच बना दिया।
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