जम्मू और कश्मीर के कुछ धार्मिक स्थलों को खाक कर चुके लश्कर ए ताइबा के निशाने पर अब रियासत के मोबाइल टॉवर हैं। पाकिस्तान स्थित आतंकी गुट मोबाइल टॉवरों को नष्ट कर राज्य में संचार तंत्र के साथ ही अर्थव्यवस्था को तबाह करना चाहता है।
लश्कर की इस साजिश का खुलासा छह आतंकियों से पूछताछ के दौरान हुआ। इन आतंकियों को राज्य पुलिस ने पिछले महीने बड़गाम जिले में एक मसजिद और धार्मिक स्थलों को आग के हवाले करने के जुल्म में गिरफ्तार किया था। आतंकी जहूर अहमद खान उर्फ जुबैर की पूछताछ रिपोर्ट में दंगे और विरोध प्रदर्शन भड़काने की लश्कर के नापाक इरादों के बारे में प्रकाश डाला गया है।
इस साल 15 जुलाई को नरबाल स्थित जामा मसजिद और बाबा हनीफुद्दीन दरगाह को जलाने के पीछे जहूर को ही मास्टरमाइंड माना जा रहा है। जहूर पिछले एक साल के दौरान वाघा सीमा के जरिए दो बार पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) की यात्रा कर चुका है।
इस दौरान उसकी मुलाकात लश्कर के लिए आतंकियों की भर्ती करने वाले अब्दुल वाही गिलानी उर्फ सरिया से भी हुई। ब्रेनवॉश किए जाने के बाद उसकी मुलाकात लश्कर के शीर्ष आकाओं जैसे फुरगन और वलीद से भी हुई। वलीद वर्तमान में कश्मीर मामलों को देख रहा है।
इसके बाद उसे कश्मीरी युवकों को गुट भर्ती होने के लिए प्रेरित करने और मोबाइल टॉवरों को नुकसान पहुंचाने, फर्जी नामों से सिम कार्ड उपलब्ध कराने और मसजिदों और धार्मिक स्थलों को तबाह करने का जिम्मा सौंपा गया था। जहूर ने दावा किया कि इस साल जुलाई में उसने सेंट्रल कश्मीर में एक मोबाइल टॉवर को नुकसान पहुंचाया। उसका कहना है कि लश्कर राज्य की अर्थव्यवस्था को तबाह करना चाहता है।