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मोबाइल टावर मामला: विकिरण से नुकसान पर किए गए शोध तलब

Mon, 21 Jan 2013 11:22 PM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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सुप्रीम कोर्ट ने स्कूलों और अस्पतालों के पास से मोबाइल टावर हटाने के राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन को तीन हफ्ते की मोहलत देते हुए यथा-स्थिति बनाए रखने को कहा है। सर्वोच्च अदालत ने सरकार से राष्ट्रीय स्तर पर टावरों से पैदा होने वाले खतरनाक विकिरण से होने वाले नुकसान पर किए गए शोध से संबंधित दस्तावेज भी तलब किए हैं।
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जस्टिस एचएल दत्तू और जस्टिस चंद्रमौली कुमार प्रसाद की पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सेल्यूलर ऑपरेटर्स से कहा कि सरकार इस मुद्दे पर दिशा-निर्देश तय कर रही है। इससे पहले विकिरण से होने वाले नुकसान से संबंधित दस्तावेज अदालत तलब कर रही है, ताकि इस मामले में अदालत स्पष्ट रवैया अपना सके।

हालांकि पीठ ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल इस मामले में कोई आदेश नहीं जारी करेगी। इस पर ऑपरेटर्स की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने कहा कि हाईकोर्ट ने आदेश के अनुपालन के लिए दो माह का समय दिया था, जो इसी हफ्ते समाप्त हो रहा है। मोबाइल टावरों को हटाने से अच्छा है कि उनको अंतिम फैसला आने तक बंद कर दिया जाए। पीठ ने अधिवक्ता के तर्क से सहमति जताते हुए हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में तीन हफ्ते की मोहलत प्रदान करते हुए यथा-स्थिति कायम रखने का निर्देश दिया और सुनवाई की अगली तिथि 6 फरवरी तय कर दी।
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वहीं, सेल्यूलर आपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि इन टावरों से निकलने वाले विकिरण से मनुष्य पर किसी प्रकार के दुष्प्रभाव का कोई साक्ष्य नहीं है। उनका तर्क था कि आज की तारीख तक ऐसी कोई वैज्ञानिक रिपोर्ट नहीं आयी है जिससे यह पता चले कि इन टावरों से होने वाले विकिरण से मनुष्य को नुकसान पहुंचता है। इस पर पीठ ने सरकार से विकिरण पर किए गए शोध से संबंधित दस्तावेज तलब कर लिए। याद राजस्थान हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर मोबाइल टावर हटाने का आदेश दिया था।
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