मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मौजूदा सत्तारूढ़ कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को मात देने के लिए भाजपा-शिवसेना-आरपीआई महागठबंधन में शामिल होने के सुझावों को खारिज करते हुए कहा कि उनका संगठन अपने बूते पर राज्य में सत्ता हासिल करेगी।
वे माटुंगा में अपनी पार्टी के सातवें स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। यह एक माह के अंदर दूसरा मौका है जब उन्होंने शिवसेना के साथ गठबंधन से इनकार किया है। यहां अगले साल लोकसभा के साथ राज्य विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं।
पिछले महीने उन्होंने कहा था कि उनका किसी के साथ गठबंधन का कोई इरादा नहीं है। शिवसेना के मुखपत्र में ‘सामना’ में छपे इंटरव्यू में पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मनसे को विलय का प्रस्ताव दिया था।
इसी के संदर्भ में राज ने कहा था कि किसी के भी साथ गठबंधन का विचार नहीं है। क्या गठबंधन की बातें अखबारों के जरिए की जाती हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या एक दूसरे के खिलाफ चल रहे दोनों चचेरे भाई एकसाथ हो सकते हैं, इस पर उद्धव ने कहा था कि कोई एक हाथ से ताली नहीं बजा सकता । क्या आप ऐसा कर सकते हैं।
शनिवार को हुए कार्यक्रम में राज ने उद्धव के ताली वाले बयान के संदर्भ में कहा कि कल फिर एक ताली बजी कि मैं इस महागठबंधन में शामिल हो रहा हूं और दोपहर में रतन टाटा मुलाकात करने के लिए मेरे घर आए।
यह खबर मराठी एक अखबार में छपी थी। मैं इसे अच्छा संकेत मानता हूं कि बिना किसी मौके के रतन टाटा मेरे घर आए। यह न केवल मेरा बल्कि पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं का सम्मान है।