1992 में आजाद उम्मीदवार के तौर पर एमपी का चुनाव लड़कर चर्चा में आए बीएस मकोल का वोटर लिस्ट से नाम काट दिया गया। इसका जानकारी उस समय हुई, जब वह सोमवार को मनीमाजरा के स्कूल में लगे शिविर मे नौकर का वोट बनवाने गए।
जब उन्होंने वोटर लिस्ट को गहनता से चेक किया तो देखा कि पूरे परिवार के छह सदस्यों के ही वोट कटे हुए थे। इस पर मकोल भी आश्चर्य में पड़ गए। बता दें कि बीएस मकोल मनीमाजरा मोटर मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन और नेशनल कंज्यूमर अवेयरनेस ग्रुप सोसायटी के प्रधान हैं।
मोटर मार्केट के एससीएफ नं. 409 में रहने वाले मकोल ने बताया उन्होंने खुद 1992 में पवन कुमार बंसल और सत्यपाल जैन के मुकाबले आजाद उम्मीदवार के तौर पर सांसद का चुनाव लड़ चुके हैं। 1995 में सीरियल नंबर बदलने पर 2007 में वोटर कार्ड बनवाए थे। इसके बाद किसी ने बिना सर्वे किए उनके पूरे परिवार का नाम वोटर लिस्ट से काट दिया गया।
बीएस मकोल ने कहा कि प्रशासन जिन लोगों को सर्वे के लिए रखा है या फिर सर्वे करने का ठेका दिया है। वह घरों में जाकर सर्वे नही करते है, बल्कि बैठ कर सर्वे रिपोट तैयार कर देते है। इससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने कहा वह पूरे परिवार के साथ पिछले तीस साल से यहां रह रहे हैं।