यहां के गांधी मैदान में विजयादशमी पर्व पर रावण दहन के बाद मची भगदड़ में गई जानों के लिए प्रशासनिक लापरवाही भी जिम्मेदार है। मैदान में 5 लाख की भीड़ मौजूद थी।
देर शाम तक कार्यक्रम के चलने के बावजूद प्रशासन ने रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की थी। सुरक्षा का सारा ध्यान मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के जाने वाले गेट पर था।
गांधी मैदान में नौ गेट होने के बावजूद केवल चार गेट ही खुले थे, उनमें से केवल एक गेट लोगों के निकलने के लिए था। ऐसे में अंधेरे और महज 10 फुट चौडे़ गेट के कारण लोग एक-दूसरे पर गिरने लगे।
पुलिस जब तक वीआईपी गेट से रामगुलाम चौक आती तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। पटना प्रशासन की यह अव्यवस्था उस घटना के बाद की है जब दो साल पहले ही गांधी मैदान के करीब ही अदालत घाट पर छठ पूजा के दौरान भगदड़ में कई लोग मारे गए और पिछले साल ही मोदी की सभा के दौरान बम धमाके हुए थे।
अस्पताल में हंगामा
हादसे के बाद पीएमसीएच में अफरातफरी का माहौल रहा। अपनों की तलाश में पीएमसीएच पहुंचे लोग भटकते रहे। लोगों का आरोप है कि उन्हें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा।
कई लोगों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि उनके बच्चे लापता हैं और उन्हें जानकारी नहीं दी जा रही है। मीडिया तक को अंदर नहीं जाने दिया गया।
लोगों में प्रशासन और सरकार के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा दिखा। लोगों की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूरे अस्पताल परिसर को पुलिस छावनी में बदल दिया गया।
आयुक्त एन विजय लक्ष्मी समेत पटना के सभी आला अधिकारी पीएमसीएच में कैंप कर रहे हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि भगदड़ के कारणों का अभी पता नहीं चला है। पूरे परिसर में चीख चीत्कार और नारेबाजी का माहौल था।
सोनिया, लालू ने जताया शोक
बिहार में रावण दहन के बाद हुई भगदड़ में लोगों की मौत पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने शोक प्रकट किया है।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक बयान में दुर्भाग्यपूर्ण हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों की सलामती की प्रार्थना की।
वहीं दूसरी ओर राजद प्रमुख ने कहा कि गांधी मैदान भगदड़ की घटना प्रशासनिक चूक का मामला लगता है। दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
भाजपा नेता सीपी ठाकुर और पार्टी सांसद रामकृपाल यादव ने पीएमसीएच अस्पताल पहुंचे और घायलों के इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि ज्यादातर घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।