देश में चुनावी माहौल तैयार करने में जुटी केंद्र सरकार अब नित नए लोक लुभावन फैसले लेने की तरफ खासा ध्यान दे रही है। इसी कड़ी में अब मानव संसाधन मंत्रालय गरीब और जरूरतमंद छात्रों के लिए एक नई सौगात लेकर आया है।
किसी सरकारी संस्था से आर्थिक मदद नहीं पा रहे होनहार छात्र-छात्राओं को मानव संसाधन मंत्री पल्लम राजू की ओर से 40 हजार रुपए तक की आर्थिक मदद की पेशकश की गई है। यह मदद पूरी तरह मंत्री की संस्तुति के आधार पर होगी तथा केवल एक बार के लिए ही दी जाएगी।
मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से पहली बार इस तरह के छात्र सहायता कोष की स्थापना की गई है। हालांकि मंत्रालय ने यह साफ नहीं किया है कि फंड में कुल कितनी राशि उपलब्ध है या फिर देश में कुल कितने बच्चों को इस योजना के तहत मदद करने का लक्ष्य है।
स्कूल से लेकर कॉलेज की पढ़ाई कर रहे छात्रों को मदद मुहैया कराई जाएगी। मंत्रालय की ओर से इस संबंध में जारी एक परिपत्र के अनुसार दसवीं व बारहवीं की परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले ऐसे छात्र, जिनके माता पिता की आय 5,000 रुपए मासिक से कम है, इस मदद के हकदार होंगे।
शहीद विधवाओं के बच्चे, सामान्य विधवा, तलाकशुदा महिलाओं के बच्चे, शारीरिक रूप से अक्षम बच्चे, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के बच्चे ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों को इस योजना के तहत प्राथमिकता के आधार पर मदद दी जाएगी।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारियों के बच्चों तथा निजी चैरिटी संस्थाओं को यह मदद नहीं प्रदान की जाएगी। यह सहायता तकनीकी शिक्षा के बच्चों को तो दी जाएगी लेकिन मेडिकल शिक्षा ले रहे बच्चों को यह सहायता नहीं दी जाएगी।
सामान्य तौर पर यह मदद दसवीं तक के बच्चों को 20 हजार रुपए तक तथा बारहवीं या उच्च शिक्षा पा रहे बच्चों को 40 हजार रुपए तक साल में एक बार एकमुश्त प्रदान की जाएगी।
विशेष परिस्थतियों में मानव संसाधन मंत्री चाहें तो यह धनराशि बढ़ा भी सकते हैं। इस मदद के इच्छुक छात्र सीधे मंत्रालय में अपना आवेदन दे सकेंगे। आवेदन का प्रारूप भी मंत्रालय ने अपनी वेबसाईट पर उपलब्ध कराया है।