फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

EXCLUSIVE: स्मृति के मंत्रालय ने बताया राहुल की अमेठी का सच

विज्ञापन
विज्ञापन
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की रिपोर्ट में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी को सबसे बदहाल बताया गया है। मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय संस्थान (एनआईओएस) ने अपने एक सर्वेक्षण में कहा है कि एक ही परिवार से सदस्य 11 बार संसद में प्रतिनिधित्व करते रहे।
विज्ञापन


इसके बावजूद विकास के सभी आयामों पर अमेठी सबसे ज्यादा पिछड़ा हुआ है, जबकि गोरखपुर और बलिया को अमेठी से बेहतर मानते हुए टिप्पणी की गई है कि यहां से संसद में प्रतिनिधित्व करने वाले सत्ता में नहीं रहे। मगर इन जिलों का विकास अमेठी की तुलना में ज्यादा हुआ है।

अमेठी से इंदिरा और सोनिया गांधी सांसद रही हैं। वहीं गोरखपुर से लंबे समय तक महंत अवेद्यनाथ और अब उनके बेटा योगी आदित्यनाथ सांसद रहे हैँ। बलिया पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का लंबे समय तक संसदीय क्षेत्र रहा है। एनआईओएस ने अपने विस्तार के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों की शैक्षिक और सामाजिक स्थिति का अध्ययन किया था।
विज्ञापन

आर्थिक पैमाने पर सबसे पिछड़ी है राहुल की अमेठी

बलिया, देवरिया, अमेठी, अंबेडकरनगर, गोरखपुर, फैजाबाद, सुल्तानपुर और रायबरेली समेत आठ जिलों का सर्वेक्षण कराया गया। सर्वे में ज्यादा बदहाल देवरिया, अमेठी और अंबेडकरनगर को बताया गया है। इनमें अमेठी को आर्थिक पैमाने पर सबसे पिछड़ा बताया गया है।

रिपोर्ट में लिखा गया है कि वहां के लोगों से बात करते हुए महसूस हुआ कि राजनेताओं द्वारा इस क्षेत्र का भावनात्मक शोषण ज्यादा हुआ है। बालिकाओं के लिए दूर दूर तक विद्यालय नहीं है।

आवागमन के साधन भी ना के बराबर है। अपने बच्चों को शिक्षा देने के लिए दूसरे जिलों में भेजना पड़ता है।
विज्ञापन

पीने को नहीं है साफ पानी

जिले में पर्याप्त स्कूल नहीं होने की वजह से बालिकाए पशुओं की देखभाल, खेती और मजदूरी ही करती हैं। एनआईओएस के लिए रिपोर्ट को बनाने वाले भोपाल के अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय ने अमर उजाला को कहा कि बलिया और अमेठी में जमीन आसमान का अंतर है।

रायबरेली विकास के पैमाने पर कुछ बेहतर है। मगर अमेठी में साफ पीने का पानी नहीं है। लोग गोमती नदी का पानी पीते हैं। सीधे जाने के लिए नदी पर कोई पुल नहीं है। शिक्षा के साधन नहीं है और न ही कोई स्वास्थ्य केंद्र।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें