राजस्थान के पीडब्ल्यूडी मंत्री यूनुस खान ने सोमवार को लोगों में खत्म होती जा रही संवेदनहीनता का उदाहरण एक आपबीती सुनाते हुए दिया। जयपुर में हुई रोड सेफ्टी इन ट्रेफिक एंड इंजीनियरिंग विषयक कार्यशाला में उन्होंने बताया कि दो दिन पहले हाई-वे पर एक एक्सिडेंट देखा और दुर्घटना में घायल लोगों की मदद के लिए वे गाड़ियां रुकवाने का प्रयास करते रहे, लेकिन किसी ने गाड़ी नहीं रोकी।
उन्होंने कहा कि इस घटना से आमजन में संवेदनहीनता का अंदाजा लगाया जा सकता है। मंत्री बोले कि एक हत्या पर पूरा देश बंद हो जाता है, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं के खिलाफ कोई आवाज नहीं उठती। लोग रोड सेफ्टी पर कोरी चर्चा करते हैं, लेकिन सुधार में साथ नहीं आते। इस कारण विभाग भी रोड सेफ्टी के उपाय लागू करने में शिथिलता बरतने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान में 3500 दुर्घटना के पॉइंट ढूंढ लिए गए हैं। इन्हीं पर काम कर रहे हैं। अभी तक राजस्थान में 10 हजार एक्सीडेंट सालाना होते हैं। अगर ये आंकड़ा 9000 हो जाए, तो उसे में अपनी उपलब्धि कहूंगा।