खनन माफिया के हौसले किस कदर बुलंद हैं, यह मंगलवार को फिरोजाबाद और आगरा में सामने आया। प्रशासनिक अफसर हों या पुलिस के सिपाही, डरना तो दूर वे उन पर जानलेवा हमले कर रहे हैं।
जसराना थाने के बड़ा गांव में मिट्टी का अवैध खनन रोकने गए तहसीलदार को गुंडों ने जेसीबी से कुचलने का प्रयास किया। तहसीलदार और बाकी स्टाफ ने किसी तरह भागकर जान बचाई।
एक अन्य घटना में बालू से लदे वाहन को रोकने का प्रयास किया गया तो खनन माफिया के गुंडों ने चार सिपाहियों को पीट डाला।
बड़ा गांव पुल के निकट अवैध खनन की शिकायत पर तहसीलदार लालता तिवारी मंगलवार सुबह टीम के साथ पहुंचे थे।
तहसीलदार ने चार ट्रैक्टरों और खुदाई कर रही जेसीबी को कब्जे में लेने का प्रयास किया। तभी जीप व बाइक से आए हथियारों से लैस आधा दर्जन से अधिक लोगों ने तहसीलदार लालता प्रसाद को कुचलने का प्रयास किया। सभी किसी तरह जान बचाकर भाग निकले।
तहसीलदार ने इस मामले में चार लोगों (रिंकू और मल्ली दोनों निवासी नगला सुजान, ऋषिपाल निवासी गढी और राहुल निवासी नगला नथुआ) के खिलाफ थाने में तहरीर दे दी है।
बालू की चोरी रोकी तो कर दी पिटाई
उधर, आगरा के फाउंड्री नगर इलाके में दुस्साहसी खनन माफिया ने बालू लदा वाहन रोके जाने पर चार सिपाहियों की पिटाई कर दी।
मामला टेढ़ी बगिया के फाउंड्री नगर क्षेत्र का है। सोमवार की देर रात खंदौली से बालू से लदे आधा दर्जन डंपर आ रहे थे। फाउंड्री नगर चौकी की सीमा में प्रवेश करते ही चार पुलिसकर्मियों ने डंपर रोक लिए।
कहा जा रहा है कि पुलिसकर्मी गैरकानूनी तरीके से बालू लाने पर अपनी ‘हिस्सेदारी’ मांगने लगे। सौदा न पटने पर उनके बीच कहासुनी बढ़ी तो खनन माफिया व उसके साथियों ने पुलिसवालों की पिटाई कर दी। पुलिसकर्मी किसी तरह से बचकर भाग निकले। भेद खुलने के डर से पुलिसकर्मियों ने इसकी रिपोर्ट भी नहीं लिखाई।
इससे पहले गौत्तबुद्घनगर की एसडीएम दुर्गाशक्ति नागपाल के निलंबन के पीछे भी रेत खनन माफियाओं का हाथ होने की संभावना जताई जा रही थी।