मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एमआईएम) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असादुद्दीन ओवैसी को मेडक जिले की स्थानीय अदालत से गुरुवार को जमानत मिल गई। ओवैसी को 2005 के एक मामले में मेडक के जिला कलेक्टर से मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
मेडक जिले के संगारेड्डी की एक स्थानीय अदालत ने असादुद्दीन को 10 हजार के निजी मुचलके और इतनी ही रकम की दो गारंटी जमा देने पर जमानत दी। बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट में कहा कि असादुद्दीन को गुरुवार को हजरत मोहम्मद के जन्मदिन 'मिलाद-उन-नबी' के मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से आयोजित एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करना है, इसलिए उन्हें जमानत दे दी जाए।
इससे पहले प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट ने असादुद्दीन की जमानत की दो अर्जियां नामंजूर कर दी थी। मंगलवार को भी जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए मजिस्ट्रेट ने कानून का सम्मान नहीं करने पर सांसद को कड़ी फटकार लगाई थी। अदालत ने इस तथ्य को ध्यान में लिया कि गैर जमानती वारंट लंबित रहने के बावजूद 2009 से वे कभी अदालत में हाजिर नहीं हुए।
असादुद्दीन ओवैसी और अन्य एमआईएम नेताओं के खिलाफ पुलिस ने मेडक जिले के मुतांगी गांव में सड़क विस्तार के लिए धर्मस्थल को तोड़ने से सरकारी अफसरों को रोकने का मामला दर्ज किया था। इन लोगों ने कथित रूप से तत्कालीन जिलाधिकारी के साथ दुर्व्यवहार भी किया था।