असम में हिंदी बोलने वालों को एक बार फिर उग्रवादियों ने अपना निशाना बनाया है।
नेशनल डेमोक्रेटिक ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के उग्रवादियों ने शुक्रवार रात को सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) से शिलांग (मेघालय) जा रही बस के हिंदीभाषी यात्रियों पर अंधाधुंध गोलीबारी कर पांच लोगों की हत्या कर दी।
इनमें से चार मृतक और सभी तीन घायल बिहार निवासी हैं। माना जा रहा है कि उग्रवादियों ने यह कार्रवाई सरकार के साथ शांति वार्ता के विरोध में की है।
पुलिस के अनुसार, उग्रवादियों ने रात तकरीबन दस बजे सरफानगुड़ी थाने के इलाके से गुजर रही बस को रोका और आठ लोगों को जबरन नीचे उतार लिया और उन्हें कतार में खड़ा करके बेहद नजदीक से उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
मारे गए बिहार निवासी युवकों पप्पू कुमार सिंह (25), शमशेर मंत्री (20) और दो भाई अहोत बिहारी (20) व राज बिहारी (19) हैं। जिसके बाद उग्रवादियों ने बस को वहां से जाने दिया।
गोलीबारी में अमोल गुप्ता, रामानंद ओझा और बाबूलाल करमाकर घायल हुए हैं, जिन्हें बोगाईगांव सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिले के एएसपी एस पनस्वार ने बताया कि हमलावरों को पकड़ने का अभियान तेजी से चलाया जा रहा है।