राजस्थान के भरतपुर में स्थित विश्व विख्यात केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान में इस बार सभी झीलें लबालब हैं। झीलों को चंबल के साथ ही पांचना बांध से भी पर्याप्त मात्रा में पानी मिला। झीलों में भरपूर पानी होने के कारण देशी विदेशी विभिन्न प्रजाति के पक्षियों का जमघट लगा हुआ है।
उद्यान में पांचना बांध से झीलों में भारी मात्रा में मछलियों के आ जाने के बाद मांसाहारी प्रजाति के पक्षियों को भरपूर भोजन मिलने लगा है। स्नेकवर्ड जैसे लगभग आधा दर्जन प्रजातियों के पक्षी उद्यान में पर्यटकों को अनायास लुभा रहे हैं। कई तरह के पक्षी नेस्टिंग भी कर रहे हैं।
खासकर स्नेकवर्ड के आने से झीलों में काफी रौनक देखने को मिल रही है। स्नेकवर्ड पानी के अंदर से मछली को ऊपर निकालकर लाता है और उसे निगल जाता है। इस नजारे को पर्यटक अपने कैमरों में कैद करते हुए देखे जा सकते हैं। इसी प्रजाति के ओपन बिल स्टॉर्क, कोर्बोनेंट, ईग्रेट आदि के बच्चे घोंसलों में निकल आए हैं।
इनकी चहचहाहट भी लोगों को लुभा रही है। पेंटेड स्टॉर्क , स्पून बिल, ग्रेहेरेन आदि प्रजाति के पक्षी नेस्टिंग कर रहे हैं। उद्यान की झीलों में इस बार अक्तूबर के प्रथम सप्ताह से बोटिंग शुरू हो जाएगी। झीलों के भरपूर पानी होने के कारण वर्षों बाद इस बार पर्यटक उद्यान में भरपूर आनंद ले सकेंगे। इसके लिए घना प्रशासन ने फाइबर ग्लास की नौकाएं तैयार कर ली हैं।