भारतीय-अमेरिकी मूल के इंजीनियर सत्या नडेला टेक्नोलॉजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट की उस कुर्सी पर बैठेंगे जिस पर कभी बिल गेट्स बैठते थे।
कंपनी के संस्थापक और पूर्व चेयरमैन बिल गेट्स ने कहा कि ‘माइक्रोसॉफ्ट को चलाने के लिए उनसे बेहतर कोई नहीं हो सकता।’
माइक्रोसॉफ्ट के नेतृत्व परिवर्तन के इस चक्र में पूर्व सीइओ स्टीव बामर की जगह नडेला ने ली तो, कंपनी के चेयरमैन के तौर पर बिल गेट्स की जगह जॉन थॉम्पसन ले रहे हैं।
माइक्रोसॉफ्ट ने जताया भरोसा
तकनीकी जगत में ऊंची प्रतिस्पर्धा के बाद भी माइक्रोसॉफ्ट एक अहम कंपनी बनी हुई है।
हालांकि कंपनी के सामने चुनौतियां भी बहुत है और इन सभी चुनौतियों से पार पाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने भरोसा दिखाया है सत्या नडेला पर।
तो कौन हैं सत्या नडेला? आइए जानते हैं उनके बारे में कुछ ख़ास बातें:-
1. हाईपर-एजुकेटेड
46 वर्षीय सत्या नडेला का जन्म भारत के हैदराबाद में हुआ और वहीं उनकी प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा हुई।
बेगमपेट के हैदराबाद पब्लिक स्कूल में पढ़ाई के बाद नडेला ने मनिपाल यूनिवर्सिटी से सूचना और प्रौद्योगिकी इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।
अमेरिका जाने के बाद उन्होंने विस्कॉन्सिन यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ साइंस और शिकागो यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई पूरी की।
2. क्लाउड गुरु
सत्या नडेला को ‘क्लाउड गुरु’ भी कहा जाता है।
क्लाउड उस सेवा को कहते हैं जो इंटरनेट पर पूरी तरह से चलती है और उससे संबंधित सेवाएं या कंप्यूटर फाइल इंटरनेट के ज़रिए दुनिया के किसी भी कोने से देखे या प्रयोग किए जा सकते हैं।
माइक्रोसॉफ्ट में काम करते हुए सत्या ने एमएस ऑफ़िस को क्लाउड पर लाने में अहम भूमिका निभाई।
माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि ऑफिस 365 उसके सबसे सफल उत्पादों में से एक है। माइक्रोसॉफ्ट की अपनी क्लाउड सेवा ‘अज़ूर’ को भी स्थापित करने में नडेला का महत्वपूर्ण योगदान है।
3. माइक्रोसॉफ्ट में 22 साल
नडेला 1992 में माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े और तब से अब तक उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट में कई उत्पादों का नेतृत्व किया।
इनमें से कुछ कंपनी के लिए बेहद लाभकारी साबित हुए, जैसे विंडो सर्वर, डेवलपर्स टूल, अज़ूर और कुछ जो बाज़ार में बहुत अच्छा नहीं कर पाए जैसे ‘बिंग’।
4. माइक्रोसॉफ्ट से पहले
क़रीब 22 साल पूर्व माइक्रोसॉफ्ट से जुड़ने से पहले नडेला सन माइक्रोसिस्टम में काम करते थे जिस पर अब ओरेकल का स्वामित्व है।
5. माइक्रोसॉफ्ट के तीसरे सीईओ
सत्या नडेला टेक्नॉलॉजी दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट के 38 वर्षों के इतिहास में तीसरे मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ हैं।
उनसे पहले ये पद केवल स्टीव बामर और कंपनी के संस्थापक बिल गेट्स के पास था।
6. क्रिकेट की दीवानगी
सत्या नडेला को क्रिकेट पसंद हैं।
सत्या के अनुसार जब वो बड़े हो रहे थे तो यह खेल ही उनका जुनून था, वो अपनी स्कूल की क्रिकेट टीम में भी थे।
नडेला कहते हैं कि उन्होंने क्रिकेट से ही टीम भावना और टीम का नेतृत्व करना सीखा।
7. सीखने की भूख
सत्या का कहना है कि जो लोग उन्हें क़रीब से जानते हैं, वो मानते हैं कि मैं नई चीज़ें सीखने का भूखा हूं।
वो कहते हैं, “मैं जितनी किताब पढ़ पाता हूं, उससे अधिक ख़रीदता हूं। जितने ऑनलाइन कोर्स कर पाता हूं, उससे कही अधिक के लिए बुकिंग कर लेता हूं। मेरा विश्वास है कि अगर हम नई चीज़े नहीं सीखेंगे तो हम नया काम भी नहीं कर पाएंगे।”
8. ‘बेटर-हाफ’
जिस साल नडेला माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े उसी साल उन्होंने अपने बचपन की दोस्त अनुपमा से शादी की।
अनुपमा और सत्या, दोनों के पिता दोस्त हैं और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे।
सत्या और अनुपमा नडेला के तीन बच्चे हैं जिनमें से दो ‘विशेष जरूरतमंद’ हैं। उनका परिवार वॉशिंगटन के बेलेव्यू में रहता है।
9. पगार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीईओ के तौर पर सत्या नडेला को 12 लाख डॉलर की सालाना बेस सैलरी दी जाएगी, जो कि उनसे पहले के सीइओ स्टीव बामर की सैलरी से 70 प्रतिशत ज़्यादा है।
हालांकि बोनस और अन्य मुनाफ़े मिलाकर पहले साल उन्हें क़रीब एक करोड़ 80 लाख डॉलर की सैलरी मिल सकती है।