केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी मंत्रालयों तथा विभागों को सचेत करते हुए कहा है कि दुश्मन तत्व खुफिया तथा महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल करने के लिए फर्जी पहचान का सहारा ले सकते हैं। पूर्व में इस तरह की घटनाएं हो भी चुकी हैं।
गृह मंत्रालय के संदेश में पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा गया है कि इस साल अक्तूबर में एक शख्स ने संवेदनशील सूचनाएं रखने वाली एक यूनिट के प्रमुख को फोन कर कुछ जानकारी मांगी थी। उस शख्स का कहना था कि वह पश्चिम के एक देश में भारतीय राजनयिक है।
यूनिट प्रमुख ने तुरंत सूचना देने की बजाय पहले पुष्टि की और इसमें पता चला कि बताए गए नाम का कोई अधिकारी उस भारतीय दूतावास में तैनात ही नहीं था।