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गृह मंत्रालय के निर्देश, सुरक्षा प्रतिष्ठान हाई अलर्ट पर

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पेरिस के बर्बर आतंकी हमलों के बाद भारत ऐसे किसी भी खतरे के प्रति सतर्क हो गया है। सरकार ने देश के सभी सुरक्षा प्रतिष्ठानों को हाई अलर्ट पर रहने और अमेरिका, फ्रांस समेत सभी विदेशी मिशनों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने चेताया है कि खूंखार आतंकी संगठन आईएस ने अपना दायरा बढ़ाने का इरादा जताया है लिहाजा वह किसी भी मुश्किल हालात से निपटने को पूरी तरह तैयार है। मंगलवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आईएस के खतरे के प्रति पूरी तरह चौकन्ना है और उसने पूरी दुनिया से इस खतरनाक आतंकी संगठन से मिल कर मुकाबला करने की अपील की है।
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गृह मंत्रालय ने अपनी ताजा एडवाइजरी में आईएसआईएस की गतिविधियों के उपलब्ध इनपुट्स की समीक्षा करने और उनकी संभावित योजना का पता लगाने को कहा है। इसके साथ ही उसने उन ठिकानों पर भी नजर रखने को कहा है जहां आईएस हमला कर सकता है। मंत्रालय ने कहा है कि अगर ऐसा कोई भी खतरा पैदा होता है तो उससे तुरंत निपटा जाए।  राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकी संगठन आईएस किसी एक देश नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा है। भारत इस आतंकी संगठन के खतरों को लेकर सतर्क है। गृह मंत्रालय की ओर से सोमवार को भेजी गई एडवाइजरी में कहा गया है कि पेरिस में एक ही दिन छह आतंकी हमलों से साफ हो गया है कि आईएस इराक और सीरिया के बाहर भी अपना आतंक फैलाना चाहता है। लिहाजा यह जरूरी है कि देश के सुरक्षा प्रतिष्ठानों को हाई अलर्ट पर रखा जाए ताकि इस तरह का कोई हादसा न हो सके।

इस एडवाइजरी के मुताबिक देश में यहूदियों के प्रार्थना गृहों, पर्यटन स्थलों और ऐसे सामुदायिक केंद्रों पर कड़ी नजर होगी, जहां विदेशियों का आना-जाना होता है। फ्रांस, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, रूस, ऑस्ट्रेलिया, तुर्की और इजराइल के राजनयिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की खास तौर पर समीक्षा की जा सकती है। गृह मंत्री ने कहा है कि हालांकि आईएसआईएस भारत में कोई खास मौजूदगी नहीं दर्ज करा सका है लेकिन स्थानीय आबादी के कुछ युवाओं को आकर्षित करने में यह कामयाब रहा है। सरकार इसे लेकर बेहद सतर्क है।
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पुतिन ने माना, आतंकियों ने ही उड़ाया था उसका विमान

वहीं रूस ने कहा है कि 31 अक्टूबर को मिस्त्र में उसका विमान आतंकवादियों ने ही उड़ाया था। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने हालांकि इस हमले के लिए आईएस को सीधे तौर पर तो जिम्मेदार नहीं ठहराया लेकिन कहा कि रूस आतंकवादियों को नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि हम अपनी आत्मा और हृदय से आंसू नहीं पोंछेंगे। ये आंसू हमेशा हमारे साथ रहेंगे लेकिन हम अपराधियों को ढूंढना और उन्हें सजा देना बंद नहीं करेंगे।

उन्होंने ने कहा कि वे जहां कहीं भी छिपे होंगे, रूस उन्हें ढूंढ कर सजा देगा। 31 अक्तूबर को मिस्र के शर्म-अल-शेख से उड़ान भरने वाले रूसी विमान को सिनाई प्रायद्वीप के पास विस्फोटक की मदद से बनाए गए बम से उड़ा दिया गया था। हमले में विमान में सवार सभी 224 लोग मारे गए थे। इसी क्रम में शुक्रवार के हमलों का बदला लेने के लिए फ्रांस ने सीरिया और इराक में आईएसआईएस के ठिकानों पर नए सिरे से हमले किए हैं।

फ्रांस के साथ रूस ने भी और ज्यादा बेरहमी से आईएस के ठिकानों पर बमबारी शुरू की है। फ्रांस की फौज ने 24 घंटों के भीतर दूसरी बार सीरिया में राका में आईएस के खिलाफ हवाई हमले बोले। इससे पहले रविवार को फ्रांस के 10 युद्धक विमानों ने राका में जिहादियों के ठिकानों पर 20 बम गिराए थे। अमेरिकी रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि रूस ने राका में आईएस के ठिकानों खासी बमबारी की। रूस के हमलों के दौरान समुद्र से मिसाइल दागी गईं। ये हमले पुतिन के बदला लेने से संबंधी बयान जारी होने के कुछ देर बाद किए गए।
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