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दया याचिका पर राष्ट्रपति के ताबड़तोड़ फैसले

Wed, 05 Dec 2012 12:21 AM IST
नई दिल्ली/एजेंसी
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हाल ही में आतंकी अजमल कसाब की दया याचिका ठुकराकर उसे फांसी के फंदे तक पहुंचाने वाले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी इस मामले में ताबड़तोड़ फैसले कर रहे हैं।
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अपनी सौतेली मां, बहन और भाई की हत्या के आरोप में फांसी की सजा पाने वाला अतबीर पहला ऐसा व्यक्ति बन गया है, जिसे मुखर्जी ने अभय दान दिया है। उसकी फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया है।

यही नहीं मुखर्जी ने बाकी याचिकाओं पर भी फटाफट फैसले लिए हैं। संसद भवन पर हमले का दोषी अफजल गुरु समेत नौ लोगों की याचिका को राष्ट्रपति ने आगे विचार करने के लिए गृह मंत्रालय को भेज दिया है। अब सिर्फ राष्ट्रपति भवन में पत्नी और बेटी की हत्या के आरोप में फांसी की सजा पाने वाले साईबना निंगप्पा नतीकर की दया याचिका ही लंबित है।
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राष्ट्रपति द्वारा माफी पाने वाले अतबीर पर आरोप है कि उसने 1996 में अपनी सौतेली मां, भाई और बहन की हत्या कर दी थी। 2004 में सेशन कोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई थी। इस फैसले पर 2010 में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी मुहर लगा दी थी।
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इसी साल जून में गृह मंत्रालय ने उसकी दया याचिका को राष्ट्रपति के पास भेजा था। राष्ट्रपति भवन की वेबसाइट के अनुसार 15 नवंबर को राष्ट्रपति ने इस याचिका पर फैसला सुनाते हुए अतबीर की फांसी को उम्रकैद में बदल दिया।
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