राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सुषमा स्वराज और अरुण जेटली से मुलाकात की। मेनन ने दोनों नेताओं को नियंत्रण रेखा पर हालात और पाकिस्तान के साथ हुई फ्लैग मीटिंग की जानकारी दी।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने भी सोमवार को स्वराज से फोन पर बात की थी। उन्होंने शिवशंकर मेनन को सुषमा स्वराज व अरुण जेटली से मुलाकात कर नियंत्रण रेखा के हालात का विस्तृत ब्यौरा देने का निर्देश दिया था।
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने कल की बातचीत में भाजपा नेता से भारत-पाक मुद्दे पर संयम बरतने का आग्रह किया था। दरअसल, भाजपा इस मामले को राजनीतिक तूल देने लगी है और अब खुद प्रधानमंत्री भी भाजपा के निशाने पर आ गए हैं।
भाजपा सीमा पर शहीद जवान का सिर काटे जाने की घटना पर लगातार आक्रामक रुख अपना रही है। सोमवार को भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी समेत अन्य नेताओं के साथ सुषमा शहीद हेमराज के परिजनों से मिलने उनके मथुरा स्थित पैत्रिक आवास गई थीं।
वहीं सुषमा ने एक भारतीय सैनिक के बदले दस पाकिस्तान सैनिक के सिर काटने की बात कही। भाजपा के आक्रामक तेवरों से सरकार लगातार बचाव की मुद्रा में आती रही है।
इधर, सेनाध्यक्ष ने भी सोमवार को पाकिस्तान के खिलाफ तीखे तेवर दिखाए। इसलिए माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने विपक्ष को विश्वास में लेने के लिए ही मेनन को सुषमा व जेटली से मिलकर सरकार के पक्ष की जानकारी देने को कहा है।