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लाहौर तक हुआ याकूब की फांसी का असर

Fri, 31 Jul 2015 09:05 AM IST
सीमा मिश्रा/अमर उजाला, नई दिल्ली
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मुंबई सीरियल ब्लास्ट के गुनहगार याकूब मेनन को फांसी दिल्ली से सैकड़ों किलोमीटर दूर नागपुर में दी गई। उसका असर लाहौर बस सेवा पर पड़ा है।
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लाहौर से दिल्ली आने वाली भारतीय बस ‘सदा-ए-सरहद’ में महज चार यात्री ही दिल्ली पहुंचे। 16 वर्षों में यह पहला मौका है, जब सबसे कम यात्रियों ने इंटरनेशनल बस सेवा में सफर किया।

करीब साढ़े चार घंटे पहले ही बस ने अपना सफर भी पूरा कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, बृहस्पतिवार सुबह वाघा बॉर्डर से 10 बजे दिल्ली ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन की ‘सदा-ए-सरहद’ बस दिल्ली के लिए रवाना हुई।
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नहीं आया कोई पाकिस्तानी

बस की बुकिंग फुल थी, लेकिन फांसी पर उठे बबाल के चलते यात्रियों ने ऐन वक्त बुकिंग रद्द करवा दी। लाहौर से बस में महज चार यात्री ही दिल्ली पहुंचे।

जबकि, अंबेडकर टर्मिनल दिल्ली से सुबह 6 बजे निकली पाकिस्तान की ‘दोस्ती’ बस में भी महज 19 यात्री ही राजधानी से रवाना हुए। हालांकि भारतीय बस सदा-ए-सरहद में एक भी पाकिस्तानी नहीं आया।

जबकि, पाकिस्तानी बस दोस्ती में एक भी भारतीय ने सफर नहीं किया। बता दें कि पिछले सात महीनों से इंटरनेशनल दिल्ली-लाहौर बस सेवा महज वाघा बार्डर तक ही सेवाएं दे रही है।

जबकि दोनों देशों की सरकारों के समझौते केे तहत दिल्ली-लाहौर बस सेवा दिल्ली से लाहौर के बीच अप एंड डाउन चलनी तय हुई थी।
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