लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने टूजी मामले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के चेयरमैन पीसी चाको को पद से हटाने से साफ इंकार कर दिया है।
जेपीसी में शामिल भाजपा समेत गैर कांग्रेस दलों के 15 सदस्यों की मांग को खारिज करते हुए स्पीकर ने कहा कि इस बारे में नियमों में साफ प्रावधान नहीं हैं।
स्पीकर ने इसके साथ ही कांग्रेस सदस्यों की उस मांग को भी खारिज कर दिया जिसमें भाजपा के जसवंत सिंह, यशवंत सिन्हा और रविशंकर प्रसाद को जेपीसी से बाहर करने का आग्रह किया गया था।
स्पीकर ने जेपीसी चेयरमैन समेत सभी सदस्यों को इसके लिए पत्र लिखे हैं। स्पीकर ने कहा है कि जेपीसी चेयरमैन को हटाने के मुद्दे पर उन्होंने मौजूदा नियमों का अध्ययन किया।
नियमों में स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के कारण किसी संसदीय समिति के चेयरमैन को हटाना मुश्किल होगा। यह अलग बात है कि चेयरमैन खुद अपने पद से इस्तीफा दे दें।
स्पीकर ने सभी सदस्यों से आपसी सहमति से समाधान तक पहुंचने के लिए प्रयास करने तथा तथा मौजूदा गतिरोध को समाप्त कर नियमों के तहत रिपोर्ट तैयार करने का आग्रह किया है। स्पीकर ने यह भी कहा कि रिपोर्ट तैयार करके इसे स्वीकार करें और संसद में पेश करें।
स्पीकर के इस फैसले के बाद भी जेपीसी का गतिरोध खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं क्योंकि समिति के कुल 30 में से 15 सदस्य चाको को हटाने की मांग पर मैदान में डटे हैं और उनके रुख में अब भी कोई बदलाव नहीं आया है। ये सदस्य लीक हो चुकी जांच रिपोर्ट को खारिज कराने की कोशिश में भी जुटे हैं।