केंद्रीय मंत्री शशि थरूर और पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार कई महीनों से एक दूसरे के संपर्क में थे। इन दोनों के रिश्तों की वजह से सुनंदा पुष्कर तनाव में थी और उन्होंने थरूर को तरार से संबध खत्म करने को कहा था।
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ये बात पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार के एक ई-मेल से सामने आई है। मेहर ने शशि थरूर को ये मेल 28 जुलाई, 2013 को भेजा था।
ई-मेल के मजमून से ऐसा लग रहा है कि तरार के कारण थरूर और सुनंदा के संबंधों में दरार आ चुकी थी। थरूर इससे परेशान थे और तरार ने उन्हें समझाने की कोशिश की है।
पढ़िए, तरार के मेल का मजमून
From: मेहर तरार रविवार 28 जुलाई, 2013 09:36:15 To: शशि आपके जीवन में जो हो रहा है, मैं उससे बहुत दुखी हूं। मैं जानती हूं, ये शादी आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण है। मुझे पता है, आपकी पत्नी आपके लिए क्या मायने रखती हैं।
मुझे लगता है कि, जब मैंने शुक्रवार के अपने आलेख पर आपकी राय मांगी थी (जिसमें मैंने आपको कोट किया था, आलेख को पढ़ने और लाइक करने के लिए धन्यवाद)।
आपने गलती से ऐसी बात कर दीं, जो अलग तरह की थीं। मैं शर्मिंदा हूं। मैंने उस बारे में कल रात को चिंता जताई थी, क्योंकि मैं बहुत बेचैन थी।
मेहर ने आगे लिखा है
हम दो बार मिले हैं। हम बहुत अच्छे दोस्त बन गए हैं। मैं खुश हूं और आपसे सच बता रही हूं कि मैं आपकी दोस्त बनकर सम्मानित महसूस कर रही हूं।
मैं ट्विटर पर और अपने आलेख में कह चुकी हूं कि मैं आपकी किताबों और आपके राजनीतिक दृष्टिकोण की बहुत बड़ी प्रशंसक हूं। और तो और, आपसे बात करके मुझे अपने जीवन की कई चीजों के बारे में देखने का नया नजरिया मिला है।
आपकी सहज सौम्यता और आधुनिक विचारों ने मुझे नए तरीके से सोचने के लिए मजबूर किया है। धन्यवाद शशि...मेरे जीवन में आने के लिए..लांग डिस्टेंस दोस्त ही सही।
कुछ चीजों से पार पाना आसान नहीं होता...जीवन हमें कई बार उन चीजों के बारे में, जिन्हें हम देख सकते, एक पक्षीय और शक्की बना देता है।
मेहर तरार लिखती हैं
लोगों के बीच कम्युनिकेशन गैप इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि किसी न किसी कारण से हर बात से शक किया जाता है। हर सच शक के घेरे में आ जाता है।
लेकिन अंत में केवल सच ही जीतता है। ऐसा ही आपके साथ हो। आप बेहतरीन इंसान है। इंशाअल्लाह आप दोनों के बीच की तल्खी खत्म हो। मेरी वजह से आपके और आपके पत्नी के बीच मुश्किलें पैदा हुई हैं।
मैं क्या कहूं...मैं सोच भी नहीं सकती कि इसका मेरे बच्चे पर पर क्या असर होगा। मुझे लगता है, मैं हमेशा सही रही हूं। आदमी और औरत की दोस्ती को हमेशा गलत ढंग से देखा जाता है।
और जो स्त्री आपके जीवन का प्यार है, वह भी हालात के कारण आपकी बातों पर शक करने लगती है। मैं दुआ करती हूं, आपके जीवन और वैवाहिक रिश्ते में शांति हो।
From: शशि थरूर रविवार, जुलाई 28, 2013, 2:27 पीएम आपकी उदारता भरी विचारशील बातों के लिए धन्यवाद मेहर। मुझे डर है, कभी-कभी लोगों के लिए भरोसा करना मुश्किल हो जाता है कि ऐसी दोस्ती भी हो सकती है या केवल दो लोगों के बीच केवल बौद्घिक संबंध ही उन्हें कम समय में गहरा दोस्त बना सकते हैं।
मैं उसे (सुनंदा को) बहुत प्यार करता हूं और बहुत दुखी हूं कि वो मुझ पर भरोसा नहीं कर रही है। सुनंदा ने मुझसे कहा है कि अब हम संपर्क में ना रहें। उसकी देखभाल करना और तनाव को कम करना मेरी प्राथमिकता है। मुझे उम्मीद है, आप इसे समझेंगी।
हम फोन और ई-मेल का आदान-प्रदान बंद कर दें तो आप मुझे माफ कर देंगी। आप हमेश मेरी मित्र रहेंगी और एक दिन ऐसा आएगा, जब हम तीनों एक साथ बैठेंगे और ये गलतफहमियां पीछे छूट चुकी होंगी।