राष्ट्रीय राजधानी में दिल दहलाने वाली दरिंदगी के खिलाफ उबलते युवा आक्रोश को देखते हुए केंद्र सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा पर 4 जनवरी को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों की बैठक बुलाने का फैसला किया है। गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इसकी जानकारी देते हुए सोमवार को कहा कि केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि यह बैठक पूरे देश में महिलाओं की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए होगी। गृह मंत्री ने कहा कि इसमें मौजूदा कानूनों की समीक्षा को लेकर भी चर्चा होगी।
बलात्कार के गुनहगारों को फांसी की सजा देने की चौतरफा मांग के बारे में शिंद ने कहा कि इस दिशा में सरकार ने रविवार रात ही जस्टिस वर्मा आयोग का गठन कर दिया है। आयोग एक महीने में कानून में बदलाव और इसे और कठोर बनाने के बारे में सिफारिशें देगी। आयोग की रिपोर्ट मिलते ही उस पर हम अमल किया जाएगा। गृह मंत्री ने इस मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग को खारिज करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों का राष्ट्रपति भवन की ओर जाना उचित नहीं था।
गृह मंत्री ने पुलिस कार्रवाई को लगभग जायज ठहराते हुए कहा कि रविवार को इंडिया गेट पर हिंसा के पीछे कुछ राजनीतिक तत्व थे। हम इसकी जांच कर रहे हैं। हालात से सही तरीके से नहीं निपट पाने के लिए दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार को हटाए जाने के बारे में पूछे जाने पर गृह मंत्री ने कह कि मौजूदा स्थिति में वह ऐसे मुद्दे पर बात नहीं करेंगे। माहौल शांत हो जाने पर इसकी जांच होगी। दोषी पाए जाने पर निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए इंडस्ट्री टास्क फोर्स
देश में महिलाओं की सुरक्षा पर उठे सवाल से चिंतित उद्योग संगठन फिक्की ने इंडस्ट्री टास्क फोर्स के गठन का निर्णय लिया है। फिक्की और इसके सहयोगी संगठन फिक्की लेडीज ऑर्गनाइजेशन ने इस टास्क फोर्स के गठन का फैसला किया है। फिक्की के मुताबिक देश के कुल कार्यबल में महिलाओं का आंकड़ा 31 फीसदी से ज्यादा का है।
यह टास्क फोर्स महिलाओं की सुरक्षा में विशेष भूमिका निभाएगा। संगठन के मुताबिक महिलाओं के लिए एक राष्ट्रीय सुरक्षा नीति तैयार की जाएगी, जिसका पालन उद्योगों में किया जाएगा। इसके अलावा महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने के लिए तमाम क्षेत्रों और एजेंसियों की मदद ली जाएगी।
लाठीचार्ज पर पुलिस कमिश्नर को नोटिस
गैंगरेप के खिलाफ प्रदर्शन कर रही महिलाओं और लड़कियों पर लाठियां भांजने के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सोमवार को दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी किया है। इस मसले पर आयोग ने दो सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है। एनएचआरसी ने यह आदेश एक शिकायत पर जारी किया है जिसमें 23 दिसंबर को इंडिया गेट पर पुलिस की ओर से प्रदर्शन करने वाली महिलाओं से मारपीट करने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में कहा गया है कि शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रही महिलाओं को पुलिस ने कार्रवाई कर घायल कर दिया। शिकायत में आयोग से घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। घायल महिलाओं और लोगों को मुआवजा दिलाने की मांग भी की गई है।