वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने तृणमूल कांग्रेस के यूपीए से नाता तोड़ने के बाद सरकार की स्थिरता को लेकर उठ रहे सवालों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे पास पर्याप्त दोस्त हैं और सरकार को कोई खतरा नहीं है। चिदंबरम ने कहा कि नए साथियों से भी बातचीत चल रही है।
वहीं दूसरी तरफ ऐसी संभावना जताई जा रही है कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सरकार का साथ दे सकती है। बसपा ने यूपीए सरकार को पूरा साथ देने का आश्वासन दिया है। अब इस बात की पूरी संभावना है कि ममता के अपने स्टैंड पर अडिग होने की स्थिति में मायावती यूपीए सरकार में ममता की जगह ले सकती हैं। हालांकि भारत बंद के बाद ही बसपा अपना रुख साफ करेंगी।
केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने भी दावा किया कि सरकार को किसी तरह का कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि संसद में हमें पर्याप्त मित्र दलों और मित्र सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। सरकार के स्थायित्व को लेकर हमें कोई चिंता नहीं है। यह पूछे जाने पर कि भारत बंद में पूरे विपक्ष के एकजुट होने को लेकर क्या सरकार और कांग्रेस चिंतित है? खुर्शीद ने कहा कि हमें कोई चिंता नहीं है। इस तरह के बंद आयोजित कर यदि कामकाज बंद किया जाएगा तो हम विकास की गति कैसे तेज कर पाएंगे।