यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती भी अब प्रधानमंत्री की रेस में शामिल हो गई हैं। उन्होंने खुलेआम अपनी प्रधानमंत्री बनने की इच्छा जाहिर कर दी है।
मायावती लखनऊ के रमाबाई रैली स्थल में रविवार को ब्राह्मण महासम्मेलन में कहा कि वह भी प्रधानमंत्री पद की रेस में हैं। मायावती पहली बड़ी राजनीतिज्ञ हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री बनने की इच्छा व्यक्त की है।
मायावती ने साफ तौर पर कहा कि अगर बसपा को केंद्र में आने का मौका मिलता है, तो वह पूरे देश की तस्वीर बदल सकती हैं।
उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी केंद्र में आती है तो दलितों के लिए पदोन्नति में आरक्षण के लिए कानून में संशोधन करेगी। साथ ही अल्पसंख्यकों और उच्च जातियों में आर्थिक आधार पर आरक्षण भी देगी।
सम्मेलन में मायावती ने यह तक कहा कि भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने पिछले 20 सालों में जो कुछ नहीं किया है, वह बसपा सिर्फ 5 सालों में ही कर दिखाएगी। जरूरत है तो बस एक मौका मिलने की।
मोदी प्रांतीय मानसिकता से ग्रसित
इस दौरान मायावती ने नरेंद्र मोदी पर भी कटाक्ष किए। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ गुजरात की बात करते हैं।
उन्होंने उत्तराखंड आपदा में भी यही मानसिकता अपनाई और सिर्फ गुजराती लोगों को ही राहत मुहैया कराई। वह प्रांतीय मानसिकता से ग्रसित हैं।
यूपी में है काननू नहीं गुंडाराज
बसपा सुप्रीमो ने यूपी में खराब कानून व्यवस्था पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। माया ने कहा की प्रदेश में हालत बहुत ही खराब है। बेटी-बहन शाम होने पर घर से बाहर नहीं निकल सकती हैं। यहां कानून नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। प्रदेश में गुंडाराज व्याप्त हो गया है।
उन्होंने कहा कि यही वजह है कि उन्हें बार-बार राज्यपाल के पास सरकार बर्खास्त करने का प्रस्ताव लेकर जाना पड़ता है।