राजनीतिक विकल्प की तलाश कर रहीं समाजवादी पार्टी की निलंबित सांसद जयाप्रदा की बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती रामपुर में पिछले दिनों उनकी कार से लालबत्ती हटाने तथा सहायक रोड ट्रांसपोर्ट अधिकारी (एआरटीओ) द्वारा दुर्व्यवहार करने के मामले में मदद कर सकती हैं।
मायावती ने बुधवार को लखनऊ में संवाददाताओं से कहा कि जयाप्रदा ने उनसे संपर्क किया है और वह इस मामले में अपनी पार्टी के नेताओं से बात कर जल्द ही निर्णय लेंगी।
जयाप्रदा ने इस मामले की शिकायत लोकसभा अध्यक्ष से भी की है।
अमर ने मांगी जया के लिए सुरक्षा
राज्यसभा सदस्य अमर सिंह ने सांसद जयाप्रदा को समुचित सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।
सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे से मुलाकात कर कहा कि जयाप्रदा के साथ 13 अप्रैल को उनके निर्वाचन क्षेत्र रामपुर में उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग और पुलिस के कर्मियों ने बदसलूकी की।
उन्होंने बताया कि सांसद के वाहन से लाल बत्ती हटाने आए इन कर्मियों ने उनके साथ धक्कामुक्की भी की।
सिंह ने गृह मंत्री से कहा कि केंद्र सरकार को सांसद को समुचित सुरक्षा मुहैया कराने के लिए जरूरी कार्रवाई करें।
जांच कमेटी के सामने आज पेश होंगे एआरटीओ
सांसद जयाप्रदा की शिकायत पर गठित की गई एडीएम व एएसपी की कमेटी के सामने बुधवार को एआरटीओ पेश होंगे। एडीएम व एएसपी की कमेटी ने एआरटीओ से इस मामले में पेश होने के लिए कहा है।
एआरटीओ का जवाब मिलने के बाद कमेटी इस मुद्दे पर कोई फैसला लेगी।
क्या है मामला
गौरतलब है कि एआरटीओ कौशलेंद्र प्रताप यादव ने शनिवार को सांसद जयाप्रदा की कार पर लगी लाल बत्ती उतारकर चालान काट दिया था। एआरटीओ का कहना था कि सांसद की कार पर फ्लैशर (घूमने वाली) लाल बत्ती लगी है, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है।
इसके बाद सांसद ने रविवार को एसपी से शिकायत की थी कि एआरटीओ ने उनके कार्यालय के बाहर खड़ी कार का चालान काटा। उनके कार्यालय में बिना अनुमति के पुलिस के साथ घुस आए।
इस दौरान उन्होंने अभद्रता, घक्का मुक्की और मेरा हाथ पकड़कर चालान थमा दिया।
सांसद की शिकायत पर सोमवार को डीएम व एसपी ने एडीएम व एएसपी को पूरे मामले की जांच सौंप दी। एडीएम व एएसपी की कमेटी से जल्द से जल्द पूरे मामले में रिपोर्ट मांगी गई है।
दूसरी ओर एआरटीओ ने सांसद के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। इस मामले में मंगलवार को एडीएम व एएसपी ने एआरटीओ को बुधवार को अपना जवाब देने के लिए बुलाया है।
एआरटीओ बुधवार को एडीएम व एएसपी के सामने अपना पक्ष रखेंगे और साक्ष्य प्रस्तुत करेंगे।