बसपा प्रमुख मायावती ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस की विफलता के चलते ही गरीब और बेरोजगार लोग नक्सली बन रहे हैं और इनमें बड़ी संख्या में एससी, एसटी और ओबीसी हैं।
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने पार्टी के दक्षिणी जोन सम्मेलन में कहा, ‘आजादी के बाद देश पर कांग्रेस ने सबसे ज्यादा राज किया है, बावजूद इसके वह एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय के बीच फैली गरीबी और बेरोजगारी को नहीं मिटा सकी है। इसी कारण इनमें से बहुत से लोग नक्सली बन रहे हैं। इस वर्ग की आर्थिक और सामाजिक स्थिति बदलने में कांग्रेस पूरी तरह से विफल रही है।’
कांग्रेस पर कॉरपोरेट घरानों की कठपुतली बनने का आरोप लगाते हुए मायावती ने कहा, ‘आदिवासियों को उनकी मूल जड़ों से अलग किया जा रहा है। उनकी जमीन पर कब्जा कर बड़े औद्योगिक घरानों को बेचा जा रहा है। उद्योगपतियों को खुश करने की बजाय सरकार को आम आदमी के विकास के लिए योजना तैयार करनी चाहिए।’
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय को संविधान में मिलने वाले आरक्षण को भी नष्ट कर रही है। मायावती ने दावा किया कि अन्य जातियों को भी आरक्षण देकर सरकार इसे खत्म करने पर तुली हुई है।
उच्च जातियों के गरीबों और धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए चिंता जताते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा कि इस बारे में केंद्र हमारी अपील का कोई जवाब नहीं दे रहा है। मायावती ने कहा कि कांग्रेस और भाजपा की गलत नीतियों के चलते ही देश में भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुंचा है। अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर केंद्र में बसपा सरकार बनवाने की अपील की। इसके अलावा मायावती ने अलग तेलंगाना राज्य का भी समर्थन किया।