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वोटिंग हुई तो माया व मुलायम नहीं लेंगे भाग

Wed, 28 Nov 2012 02:34 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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रिटेल में एफडीआई के मुद्दे पर सरकार यदि नियम 184 के तहत चर्चा कराने को तैयार हो जाती है तो उम्मीद है समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती उसकी नैया पार लगा देंगे।
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गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और वामपंथी दल इस मुद्दे पर संसद में नियम 184 के तहत बहस कराने पर अड़े हैं, जिसमें मत विभाजन का प्रावधान है।

मत विभाजन की स्थिति में यदि समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने इसमें शामिल न होकर अप्रत्यक्ष रूप से सरकार का साथ दिया तो आंकडे़ सरकार के पक्ष में होंगे।

तृणमूल कांग्रेस द्वारा सरकार से समर्थन वापस लेने के बाद संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के पास 245 सदस्य होंगे। तृणमूल ने इस मुद्दे पर अपने रुख में नरमी की है लेकिन इतना तय है मत विभाजन की स्थिति में वह सरकार के खिलाफ जाएगी।
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सपा और बसपा सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं और दोनों ही दल एफडीआई के विरोध में हैं लेकिन इस बात की प्रबल संभावना है कि दोनों दल मतविभाजन में भाग न लें। सरकार के लिए आंकड़ों के लिहाज से यह स्थिति सुखद रहेगी।

उधर, विपक्ष का संख्या बल पर नजर दौड़ाई जाए तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सदस्यों की कुल संख्या 150 है जबकि वामदलों की संख्या 24 है।

लोकसभा में 14 सदस्यों वाला बीजू जनता दल (बीजद), नौ सदस्यों वाले ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और छह सदस्यों वाली तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) ने सरकार के खिलाफ मतदान के पहले ही एलान किया हुआ है।
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