केंद्रीय विद्यालयों में संस्कृत को तीसरी भाषा बनाने की कवायद में जर्मन भाषा को हटाने के कदम मद्देनजर जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस संबंध में बात की। मुलाकात के दौरान मोदी ने उन्हें भारतीय सिस्टम के तहत मामले को देखने का भरोसा भी जताया।
जी-20 सम्मेलन से इतर मुलाकात में मर्केल ने यह मुद्दा मोदी के समक्ष उठाया और साथ ही उन्हें जर्मनी घूमने के लिए आमंत्रित भी किया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, "मर्केल ने भारतीय स्कूलों में जर्मन भाषा को पढ़ाए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने पीएम से इस मामले में सर्वश्रेष्ठ रास्ता निकालने का निवेदन भी किया। प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया है कि वह खुद चाहते हैं कि भारतीय युवा अन्य भाषाओं को भी सीखें।"
उल्लेखनीय है कि मानव संसाधन मंत्रालय ने देश भर के 500 केंद्रीय विद्यालयों में छठी से आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले 70 हजार से ज्यादा छात्रों के कोर्स में जर्मन भाषा की जगह संस्कृत रखने का फैसला किया है।