अखिलेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 10वीं पास विद्यार्थियों के लिए टैबलेट की खरीद प्रक्रिया में दिग्गज लैपटॉप-टैबलेट, कम्प्यूटर निर्माता कंपनियों ने रुचि दिखाई है। सरकार की ओर से खरीद एजेंसी नामित उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीईसीएल) की टेंडर शर्तों के अनुसार गुरुवार को खोले गए टेक्निकल बिड में एक दर्जन से ज्यादा प्रमुख कंपनियों ने अपना प्रजेंटेशन दिया।
माध्यमिक शिक्षा सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की उपस्थिति में खोले गए टेक्निकल टेंडर में आईटीआई, आईआईएम, यूपीईसीएल सहित तकनीकी संस्थाओं के विशेषज्ञों की उपस्थिति थे। टेंडर में एचपी, एसर, लेनेवो, एचसीएल, डेल, सैमसंग, एलजी सहित 13 कपंनियां आगे आई हैं।
गौरतलब है कि सरकार पिछले आठ महीने से 2012 में दसवीं पास करने वाले 28 लाख विद्यार्थियों को टैबलेट देने की कवायद में जुटी है। अब तक टैबलेट व लैपटॉप के लिए सूबे के 43 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। इसमें करीब 28 लाख विद्यार्थियों ने टैबलेट और 15 लाख विद्यार्थियों लैपटॉप के लिए आवेदन किया है।
विभाग द्वारा जारी शासनादेश में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद के अधीन राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त एवं वित्त विहीन मान्यता प्राप्त अशासकीय स्कूलों, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड परीक्षा पास करने वाले विद्यार्थियों को टैबलेट उपलब्ध दिए जाने की योजना है।
उर्दू में भी काम कर सकेंगे लैपटॉप व टैबलेट
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि उनकी सरकार छात्रों को ऐसे कम्प्यूटर व लैपटॉप बांटेगी जो हिन्दी व अंग्रेजी के अलावा उर्दू में भी काम सकेंगे। इसके लिए कंपनियों से इन उपकरणों में उर्दू सॉफ्टवेयर लगाने को कहा गया है। उर्दू के विकास पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार गंगा-जमुनी तहजीब की इस भाषा को रोजगार से जोड़ने का काम कर रही है।