आरटीआई से मिली एक जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, लालकृष्ण आडवाणी और राजनाथ सिंह समेत कुल 401 लोकसभा सदस्यों ने अब तक अपनी संपत्ति का खुलासा नहीं किया है।
लोकसभा सचिवालय के मुताबिक, उसे इन सांसदों की संपत्ति के ब्योरे का अब तक इंतजार है। लोकसभा सदस्यों की संपत्ति के खुलासे से जुड़े 2004 के कानून के मुताबिक, सांसद के रूप में शपथ लेने के 90 दिन के भीतर किसी भी सदस्य को अपनी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करना जरूरी है। अन्य जिन सदस्यों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया उसमें केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज, उमा भारती, नितिन गडकरी और सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव शामिल हैं। लोक सभा सचिवालय के मुताबिक, 26 सितंबर तक इन सदस्यों की ओर से इस बाबत कोई सूचना भी नहीं उपलब्ध कराई गई।
जिन अन्य सदस्यों ने अपनी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है उसमें केंद्रीय मंत्री हर्षवर्द्धन, राधा मोहन सिंह, अनंत गीते, अनंत कुमार, राम विलास पासवान, किरन रिजिजू और कैप्टन अमरिंदर सिंह, वीरप्पा मोइली, महबूबा मुफ्ती, उपेंद्र कुशवाहा और सुप्रिया सुले शामिल हैं।
भाजपा सबसे फिसड्डी
संपत्ति का खुलासा नहीं करने वाले सदस्यों के खिलाफ संपत्ति और देनदारी की घोषणा से संबंधित 2004 के कानून के प्रावधान पांच और छह तथा जन प्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 75 (क) के मुताबिक कार्रवाई हो सकती है। संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक नहीं करने वालों में कांग्रेस के 31, तृणमूल के 27, बीजू जनता दल के 18, शिवसेना के 15, टीडीपी के 14, एआईएडीएमके के नौ, टीआरएस के आठ, वाइएसआर कांग्रेस के सात, लोक जनशक्ति पार्टी के छह, एनसीपी, सीपीआई (एम) और सपा के चार, अकाली दल, राजद और आप के तीन-तीन तथा जदयू व अपना दल के दो-दो सदस्य शामिल हैं।
क्या कहता है कानून
लोकसभा सदस्यों की संपत्ति के खुलासे से जुड़े 2004 के कानून के मुताबिक, सांसद के रूप में शपथ लेने के 90 दिन के भीतर किसी भी सदस्य को अपनी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक करना जरूरी है।
209 भाजपा सांसदों ने नहीं किया खुलासा
सदन में संख्या बल के हिसाब से सबसे बड़ी पार्टी भाजपा संपत्ति का खुलासा नहीं करने के मामले में भी सबसे बड़ी पार्टी साबित हुई है। दायर आरटीआई पर मिले जवाब के मुताबिक, भाजपा के 209 सदस्यों ने अब तक अपनी संपत्ति का खुलासा नहीं किया है।