रशीद मसूद की संसद सदस्यता जाने के बाद राज्यसभा की खाली हुई सीट पर कांग्रेस में एक अनार सौ बीमार की स्थिति पैदा हो गई है।
सपा की मदद के बिना राज्यसभा की खाली सीट कांग्रेस के खाते में नहीं जाने के सच को जानने के बावजूद कई दावेदार इसके लिए लॉबिंग में जुट गए हैं। मगर सपा ने साफ इनकार कर दिया है कि वह कांग्रेस से कोई तालमेल नहीं करेगी।
पार्टी मसूद के जेल में जाने के अलावा वरिष्ठ नेता मोहन सिंह के निधन के बाद खाली हुई सीट पर भी अपना उम्मीदवार खड़ा करेगी।
इस कोशिश में कांग्रेस प्रवक्ता मीम अफजल का नाम सबसे आगे है। अफजल हाल में पार्टी के प्रवक्ता बने हैं। वह वीपी सिंह के जमाने से जनता दल के कोटे से राज्यसभा के सांसद बने थे। उसके बाद कांग्रेस में आ गए।
कांग्रेस में उन्हें काफी सालों बाद कोई बड़ी जिम्मेदारी मिली है। राष्ट्रीय प्रवक्ता बनने के बाद उनकी इच्छाएं बढ़ गई हैं। राज्यसभा में जाने के लिए वह अहमद पटेल समेत कई बड़े नेताओं से मिल चुके हैं।
इसके बाद इमरान किदवई का नाम है। उन्हें अभी दो दिन पहले ही कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष पद से हटाया गया है। वह छह साल से इस पद पर काबिज थे। वह भी इस कुर्सी के लिए जुटे हुए हैं। जबकि विभाग के नए अध्यक्ष बने खुर्शीद अहमद सैयद का नाम भी दौड़ में शामिल है।
कांग्रेस के अन्य नेता राशिद अल्वी भी इसके लिए इच्छुक बताए जाते हैं। उनके पास अभी पार्टी में कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं है।