अगर अंतिम समय में कोई बड़ा उलटफेर नहीं हुआ तो पहली बार करनाल से राज्य में सबसे बड़ी जीत हासिल करने वाले मनोहरलाल खट्टर हरियाणा के मुख्यमंत्री होंगे। वहीं, पार्टी आलाकमान ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र फडनवीस का नाम तय किया है।
पार्टी आलाकमान ने सिद्धांत: हरियाणा की कमान गैर जाट नेता को देने का मन बनाते हुए खट्टर को अपनी पहली पसंद तय किया है। केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू और पार्टी उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा मंगलवार को चंडीगढ़ में होने जा रही पार्टी की विधायक दल की बैठक में विधायकों को आलाकमान की पसंद की जानकारी दे देंगे।
उल्लेखनीय है कि 60 वर्षीय खट्टर का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबियों में शुमार है। बीती सदी के 90 के दशक में जब मोदी हरियाणा के प्रभारी थे, तब खट्टर प्रदेश भाजपा में संगठन मंत्री थे। अगर खट्टर ने सरकार की कमान संभाली तो वह राज्य के पहले पंजाबी समुदाय के मुख्यमंत्री होंगे।
देवेंद्र फडनवीस महाराष्ट्र के चुने जा सकते हैं मुख्यमंत्री
उधर राजनाथ सिंह और पार्टी महासचिव जेपी नड्डा आलाकमान के इस निर्णय से विधायकों को अवगत करा देंगे। ब्राह्मण बिरादरी के फडनवीस भी खट्टर की तरह ही मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की पसंद हैं।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि चुनाव नतीजे आने के बाद रविवार को संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद मोदी और शाह ने इन दोनों नामों पर मुहर लगाई। चूंकि दोनों ही नेता मोदी की पसंद हैं, इसलिए इसमें परिवर्तन होने की संभावना नहीं के बराबर है।
एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक हरियाणा में गैर जाट मतों के पार्टी के पक्ष में हुए ध्रुवीकरण के बाद आलाकमान ने जाट वर्ग से मुख्यमंत्री न बनाने का निर्णय लिया। हालांकि जाट वर्ग को भी सकारात्मक संदेश देने के लिए पार्टी कैप्टन अभिमन्यु को सरकार में नंबर दो का हैसियत देगी। अभिमन्यु भी पहली बार नारनौंद से विधायक निर्वाचित हुए हैं।
कौन हैं फडनवीस
महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष और चौथी बार विधायक बने देवेंद्र फडनवीस पार्टी के निर्विवाद, ईमानदार तथा जानामाना चेहरा हैं। उनकी लोकप्रियता में चार चांद तब लगे जब उन्होंने महज 27 साल की उम्र में नागपुर के मेयर की जिम्मेदारी संभाली। बतौर मेयर बेहतरीन काम कर लगातार चर्चा में बने रहने वाले फडनवीस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संघ की पहली पसंद हैं।
युवा और ऊर्जावान होने के साथ ईमानदार नेता की छवि के कारण फडनवीस मोदी के साथ-साथ पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के करीबी बने। दक्षिण पश्चिम नागपुर से चौथी बार विधायक बनने से पूर्व ही फडनवीस को सत्ता में आने पर मुख्यमंत्री की कुर्सी का तोहफा मिलने की चर्चा थी। महज 44 साल के उम्र में फडनवीस चार बार विधायक बन चुके हैं। उनके नाम पर सबसे कम उम्र में मेयर बनने का कीर्तिमान भी शामिल है।
कौन हैं खट्टर
हालांकि चर्चा के दौरान पार्टी के एक वर्ग की इस राय पर भी विमर्श हुआ जिसमें हरियाणा के साथ-साथ दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में प्रभावी जाट समुदाय को साधने के लिए इसी समुदाय के नेता को मुख्यमंत्री बनाने का पक्ष रखा गया था। उधर पार्टी आलाकमान ने महाराष्ट्र में फडनवीस पर दांव लगाने का मन बनाया है।
करनाल से पहली बार विधानसभा चुनाव जीतने वाले 60 वर्षीय खट्टर पंजाबी समुदाय से हैं। हरियाणा में इस बिरादरी का वोट करीब 8 फीसदी है। खट्टर बीते करीब चार दशकों से संघ के प्रचारक हैं। इनमें से 20 साल उन्होंने भाजपा में बिताए हैं।
खट्टर और मोदी तब करीब आए जब बीती सदी के 90 के दशक में मोदी को हरियाणा का प्रभारी बनाया गया। खट्टर उस दौरान प्रदेश भाजपा में संगठन मंत्री थे।
खास बात यह है कि खट्टर अविवाहित हैं और उन्हें अनुभवी, दूरदर्शी और प्रशासन की गहरी समझ रखने वाला नेता माना जाता है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि खट्टर मोदी की तरह ही कड़े प्रशासक साबित होंगे।