प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि पाकिस्तान की जमीं पर आतंकी ढांचा कायम रहा तो दोनों देशों के रिश्ते सामान्य नहीं हो सकते। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत का पूरा राजनीतिक नेतृत्व एकजुट है। इस मामले में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद चर्चा के दौरान कहा कि उनकी सरकार सभी पड़ोसी मुल्कों से अच्छे रिश्ते चाहती है। पाकिस्तान के साथ संबंधों के मामले में कुछ प्रगति तो हुई है लेकिन आतंकी ढांचा रिश्तों के सामान्य होने में रूकावट है।
श्रीलंका के बारे में पीएम ने कहा कि स्थाई शांति के लिए राष्ट्रीय सुलह बेहद जरूरी है और ऐसी परिस्थितियां बनानी होंगी जिनमें तमिल सम्मान से जी सकें। मालदीव की हाल की घटनाओं पर उन्होंने कहा कि वहां सितंबर में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव ही सबसे बेहतर समाधान है।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ शनिवार को इस्लामाबाद से सीधे जयपुर आएंगे। यहां उनकी अगुआई प्रोटोकॉल के तहत विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद करेंगे। इसके बाद अशरफ सीधे अजमेर जाएंगे।
यहां दरगाह शरीफ पर जियारत कर अशरफ फिर शाम को जयपुर लौटेंगे। फिर उसी दिन शाम को वे इस्लामाबाद लौट जाएंगे। इस यात्रा के दौरान वे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत किसी भी राजनीतिक हस्ती से नहीं मिलेंगे।