पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अहमद बुखारी को आश्वासन दिया था कि जामा मस्जिद को संरक्षित इमारत घोषित नहीं किया जाएगा। ये खुलासा आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के दिल्ली हाईकोर्ट में जमा किए गए हलफनामे से हुआ है।
उल्लेखनीय है कि मुगल काल की अधिकांश इमारतें एएसआई के संरक्षण में हैं। वही इन इमारतों के रखरखाव भी करती है। हालांकि जामा मस्जिद एएसआई के संरक्षण में नहीं है।
300 साल पुरानी इमारत का मालिकाना शाही इमाम अहमद बुखारी के पास है। सालों से बुखारी का ही परिवार मस्जिद का रखरखाव करता रहा है और उससे होने वाली आमदनी का उपयोग भी वही करता है। एएसआई जामा मस्जिद का मालिकाना न हासिल कर पाए और ये बुखारी परिवार के पास ही बनी रही, इस मकसद में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी अहमद बुखारी की मदद की थी।