आमतौर पर शांत दिखाई देने वाले प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह बुधवार को लोकसभा में ‘सिंह’ की तरह आक्रामक तेवरों में दिखे।
तालकटोरा स्टेडियम में कांग्रेस नेतृत्व पर बरसने वाली भाजपा को उन्होंने आईना दिखाया।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई बहस का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने आंकड़े देकर यह साबित करने की पुरजोर कोशिश की कि यूपीए ने हर मामले में एनडीए से बेहतर शासन दिया है। उन्होंने भाजपा के हमलों का सीधा जवाब देते हुए कहा, ‘जो गरजते हैं वो बरसते नहीं।
अमूमन शांत रहने वाले प्रधानमंत्री को आक्रामक तेवरों में देखकर सांसद भी भौचक थे। दरअसल, भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के महाधिवेशन में कांग्रेस नेतृत्व के लिए जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल हुआ और यूपीए सरकार पर जिस तरह के आरोप लगाए गए, प्रधानमंत्री उससे काफी आहत दिखे।
उन्होंने बाकायदा इस महाधिवेशन का जिक्र कर कहा कि वहां कांग्रेस नेतृत्व पर पर जिस तरह का हमला किया गया, उसका जवाब देने के लिए वे उस स्तर तक नहीं जान चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि भाजपा महाधिवेशन में नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस को ‘दीमक’ और इशारों में प्रधानमंत्री को ‘नाइट वॉचमैन’ (चौकीदार) बताया था।
प्रधानमंत्री की मुख्य पीड़ा यह थी कि उनकी उपलब्धियों को कमतर आंका जा रहा है। अपनी उपलब्धियां गिनाने के लिए उन्होंने आंकड़ों का जमकर इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि यूपीए शासन के नौ साल में जीडीपी विकास दर औसतन 7.9 फीसदी रही है, जबकि एनडीए शासन में मात्र छह फीसदी।
प्रधानमंत्री का जवाब मुख्यत: देश की अर्थव्यवस्था पर केंद्रित रहा, लेकिन वे भाजपा के आरोपों का करारा जवाब भी इसी में देते रहे। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंदी के बावजूद भारत की आर्थिक विकास दर अगले एक-दो साल में आठ फीसदी तक पहंच जाने की उम्मीद है। उन्होंने अपने भाषण में यूपीए सरकार के आठ साल की उपलब्धियां गिनाई तो दूसरी ओर एनडीए शासन से तुलना भी की।