प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सेना के तीनों अंगों से रक्षा खरीददारी में दूरदर्शिता और मितव्ययिता बरतने को कहा है।
उन्होंने दिल्ली में कमांडरों के एक सम्मेलन में कहा कि सेना आर्थिक मंदी के मद्देनजर खरीददारी को लेकर होशियारी बरते और बिना समय गंवाए इसे गंभीरता से करे। उन्होंने कहा कि सेना को अगली बार रक्षा बजट में कटौती के लिए तैयार रहना होगा।
रक्षा खरीद में भ्रष्टाचार की वजह से फैसलों पर पहले से ही अंकुश लगा रही सरकार का मानना है कि दुश्मनों की ताकत के खिलाफ तैयारी के दौरान देश के तंग आर्थिक हालात का ध्यान रखना जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने रक्षा मंत्री और तीनों सेनाओं के प्रमुखों की मौजूदगी में कहा कि पिछले दो साल से आर्थिक हालात नाजुक बने हुए हैं। लिहाजा सामरिक और सैन्य ताकत की तैयारी में दूरदर्शिता बरतते हुए फैसले लेने की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने आश्वस्त किया कि आर्थिक हालात पर काबू पा लिया जाएगा, लेकिन अभी समय की मांग है कि अपने कोट उपलब्ध कपड़े के हिसाब से ही काटा जाए। पिछले साल खस्ता आर्थिक हालात की वजह से रक्षा बजट में 14000 करोड़ रुपये की कटौती की गई थी। सरकार के इस रुख से सेना के आधुनिकीकरण की योजना पर असर पड़ने की संभावना है।