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पीएम ने गिनाईं रुपए के रोने, सोने के उछलने की वजह

Fri, 30 Aug 2013 06:26 PM IST
इंटरनेट डेस्क/नई दिल्ली
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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह देश के लगातार बिगड़ते आर्थिक हालात पर शुक्रवार को संसद में बोले, तो तमाम मुद्दों को समेटने की कोशिश की। जनता को सोने से लगाव कम रखने के लिए कहा, तो रुपए के पिटने की वजह भी गिनाईं।
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मनमोहन सिंह ने कहा कि वर्तमान में रुपए के एक्सचेंज रेट में उतार-चढ़ाव सरकार के लिए चिंता का विषय है। मई के अंतिम सप्ताह से डॉलर के मुकाबले इसमें भारी गिरावट आई है।

उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है और यह चिंता वाजिब है कि इसका हमारी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा। देश के बाहर घटी कुछ अप्रत्याशित घटनाओं से बाजार पर विपरीत प्रतिक्रिया हुई है, जिसके कारण रुपए की कीमत में तेजी से और अप्रत्याशित गिरावट आई।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में पूंजी के प्रवाह पर विपरीत प्रभाव पड़ा जिसके फलस्वरूप न केवल रुपए में, बल्कि ब्राजील के रियाल, तुर्की के लीरा, इंडोनेशिया के रुपइया, दक्षिण अफ्रीका के रैंड और अन्य मुद्राओं में भी तेजी से गिरावट आ रही है।

उन्होंने कहा कि साल 2010-11 और इससे पूर्व के वर्षों में हमारा चालू खाता घाटा काफी सामान्य था और 2008-09 के संकट वाले वर्ष में भी इसका वित्त पोषण करना मुश्किल नहीं था। तभी से इसमें गिरावट आने लगी है, जिसके मुख्य कारण भारी मात्रा में सोने का आयात, कच्चे तेल के आयात और हाल ही में कोयले की ऊंची कीमतें रही हैं।

पीएम का कहना है कि हमें सोने के प्रति अपना मोह कम करना होगा और पेट्रोलियम उत्पादों का इस्तेमाल सावधानी के साथ करना होगा। साथ ही अपने निर्यात को बढ़ाने के उपाय करने होंगे।

मनमोहन के मुताबिक चालू खाता घाटा 70 बिलियन डालर से नीचे रहेगा और हम इसे और कम करने का हर संभव उपाय करेंगे। इनके नतीजे जून और जुलाई में व्यापार घाटे में आई कमी के रूप में दिखाई भी देने लगे हैं।
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