नियंत्रण रेखा पर दो भारतीय सैनिकों के साथ पाकिस्तानी सेना की बर्बर करतूत के मद्देनजर पाकिस्तान के साथ दोस्ती के लिए अब तक लचीला रुख अपनाती आ रही सरकार हरकत में आ गई है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस घटनाक्रम की पूरी रिपोर्ट मंगवाई है। संकेत हैं कि मामले की गंभीरता और पाकिस्तान के इनकार को देखते हुए कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति की बैठक में ताजा हालात की समीक्षा की जा सकती है।
साथ ही सरकार के उच्चपदस्थ सूत्र संकेत दे रहे हैं कि इस घटना को आधार बनाकर पाकिस्तान के साथ जारी शांति वार्ता को लेकर भारत नए सिरे से समीक्षा भी कर सकता है। प्रधानमंत्री ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, रक्षा सचिव के साथ गृह मंत्रालय से पाकिस्तानी सेना की बर्बर करतूत का पूरा ब्योरा मांगा है।
दो सैनिकों के सिर काटने की घटना के बाद देश में फैले आक्रोश को देखते हुए प्रधानमंत्री किसी भी सूरत में पाकिस्तान के सामने कमजोर दिखने के पक्ष में नहीं हैं। लिहाजा, पाकिस्तान के सामने कड़ा विरोध जताने के साथ ही दोनों देशों के बीच चल रही शांति वार्ता को भारत की कमजोरी न माना जाए यह संदेश देने की तैयारी की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान के साथ जारी शांति वार्ता को लेकर नए सिरे से कूटनीतिक और सामरिक रणनीति बनाने को लेकर बृहस्पतिवार को कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति की बैठक हो सकती है। प्रधानमंत्री भी खुद इस मामले में बृहस्पतिवार को पाकिस्तान को कड़े शब्दों में चेतावनी दे सकते हैं।
पाकिस्तान को दो टूक कहा जा सकता है कि एक तरफ दोस्ती और दूसरी तरफ दुश्मनी निभाने की उसकी इस चाल को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। प्रधानमंत्री ने इस बारे में विदेश मंत्रालय से भी घटना के बाद राजनयिक चैनल के जरिए पाकिस्तान से हुई बातचीत की ब्योरा भी मांगा है।