जम्मू-कश्मीर में बृहस्पतिवार को हुए आतंकी हमले और हाल में एलओसी पर संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाओं का मुद्दा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के बीच शुक्रवार को होने वाली शिखर बैठक में भी उठेगा।
भारत की कुशल प्रतिभाओं के लिए अमेरिकी एच1बी वीजा के कड़े नियमों से आने वाली दिक्कतों, असैन्य परमाणु सहयोग के क्षेत्र में आगे बढ़ना, व्यापार, निवेश, रक्षा और आतंकवाद से निपटना दोनों नेताओं के बीच वार्ता के एजेंडे में होंगे।
दोनों देशों के बीच रक्षा के क्षेत्र में कुछ समझौते भी हो सकते हैं।
तीसरी शिखर बैठक में सिंह की ओर से अमेरिका के वीजा नियमों में प्रस्तावित बदलाव से भारत के आईटी पेशेवरों पर पड़ने वाले प्रभावों पर चिंता जताई जा सकती है।
ओबामा-सिंह वार्ता में अगले साल अफगानिस्तान से अमेरिका के नेतृत्व वाली सेना के हटने से उत्पन्न होने वाली स्थिति के अलावा सीरिया पर भी चर्चा की संभावना है।
दोनों नेताओं की शिखर वार्ता व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में होगी।
प्रधानमंत्री फ्रैंकफर्ट से बृहस्पतिवार दोपहर बाद वाशिंगटन पहुंचे गए हैं। उनके साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार समेत उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा शिखर वार्ता के बाद शुक्रवार दोपहर डॉ. मनमोहन सिंह के सम्मान में भोज देंगे।