पुंछ सेक्टर में भारतीय सैनिकों की हत्या का मामला भारत-पाकिस्तान के बीच नए सिरे से शुरू होने वाली बातचीत की प्रक्रिया पर ग्रहण लगा सकता है।
खासतौर से न्यूयॉर्क में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों मनमोहन सिंह और नवाज शरीफ की संभावित मुलाकात के खटाई में पड़ने के आसार हैं।
विदेश मंत्रालय का मानना है कि इस हमले का प्रभाव इस महीने और अगले महीने दोनों देशों के बीच वुलर बैराज और सरक्रीक के मसले पर सचिव स्तर की वार्ता पर भी पड़ सकता है। दोनों देश जल्द ही वार्ता प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू करने की घोषणा करने वाले थे।
माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव नजदीक होने तथा पूरे मामले में विपक्ष के साथ-साथ सहयोगियों से भी घिरी सरकार पाकिस्तान की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाने की योजना फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल सकती है।
गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वार्ता प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही पटरी से उतर जाने के आसार बन रहे हैं।
इस हमले के कारण इसी हफ्ते दोनों देशों के बीच बातचीत की प्रक्रिया फिर से शुरू करने की होने वाली घोषणा फिलहाल टाल दी गई है। अब तक के हालात बताते हैं कि दबाव में आई सरकार वार्ता प्रक्रिया से हाथ खींच लेगी।
वैसे भी प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने सरकार को नए सिरे से वार्ता शुरू न करने की चेतावनी दी है तो सहयोगी दल सपा ने भी इस मामले में सरकार पर हमला करने से गुरेज नहीं किया है।
इसके अलावा सरकार की चिंता यह है कि तमाम विरोधों को दरकिनार कर पाकिस्तान की ओर नए सिरे से दोस्ती का हाथ बढ़ाना कहीं चुनावी घाटे का सौदा न बन जाए।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान की कमान संभालने के बाद नवाज शरीफ ने बीते महीने अपने विशेष दूत शहरयार खान को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास भेजा था।
कूटनीतिक स्तर पर हुई बातचीत के कई दौर के बाद दोनों देशों के बीच वार्ता प्रक्रिया को नए सिरे से शुरू करने पर सहमति बनी थी।
यह भी तय हुआ था कि पहले दौर में दोनों देश कश्मीर के साथ-साथ मुंबई पर हुए सबसे बड़ा आतंकी हमला मामले को तूल देने से बचेंगे।
हालांकि वार्ता प्रक्रिया को शुरू करने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई थी, मगर दोनों देशों के बीच न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के अधिवेशन में हिस्सा लेने के क्रम में प्रधानमंत्रियों की मुलाकात और इससे पहले इसी महीने और सितंबर में वुलर बैराज और सरक्रिक मसले पर सचिव स्तर की वार्ता पर सैद्धांतिक सहमति बन गई थी।