केंद्र में यूपीए-2 के कार्यकाल के दौरान 2013 में अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम भारत लौटना चाहता था। इसके लिए उसने प्रस्ताव भी भेजा था। इस बात का खुलासा पूर्ववर्ती यूपीए-2 सरकार में रहे एक अधिकारी ने किया है।
उनके अनुसार पेशे से वकील एक कांग्रेस नेता ने इस बात का जिक्र पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं से भी किया था। दाऊद ने यह प्रस्ताव 93 के मुंबई बम धमाकों के बाद से फरार होने के बाद पहली बार दिया था।
इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के अनुसार इस प्रस्ताव पर पूर्व प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन के बीच काफी लंबी बात चली। जिस वकील ने इस प्रस्ताव को सरकार के पास रखा था उसे बताया गया कि यह मुद्दा गर्म आलू की तरह है और इसमें हाथ नहीं लगाया जा सकता, भारत में दाऊद की शर्तों पर मुकदमा चलाना आसान नहीं होगा।
वहीं मेनन से इस बात पर प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। हालांकि मनमोहन सिंह ने अपने ई-मेल के जरिए इंडियन एक्सप्रेस को बताया किया मुझे इस बात ध्यान नहीं है कि मैने किसी से अंडरवर्ल्ड डॉ दाऊद इब्राहिम के भारत लौटने के बारे में बात की थी।