अमेरिका में हैकिंग को लेकर आए दिन हो रहे नए खुलासे से भले यूरोप से लेकर एशिया तक हड़कंप मचा हो, लेकिन भारत इस मामले में काफी आराम से है।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास न तो मोबाइल फोन है और न ही वह व्यक्तिगत ईमेल का इस्तेमाल करते हैं, ऐसे में हैंकिंग को लेकर उन्हें कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है।
ब्रिटेन के गार्डियन अखबार ने शुक्रवार को खबर छापी की व्हाइट हाउस, पेंटागन और अमेरिकी विदेश विभाग के अधिकारियों की ओर नंबर मिलने के बाद अमेरिकी जासूसों ने दुनिया के 35 नेताओं की फोन पर होने वाली बातचीत टैप की।
खुफिया जानकारी लीक करने वाले एडवर्ड स्नोडेन की ओर से मुहैया कराए गए गोपनीय दस्तावेज के आधार पर हुआ यह नया खुलासा जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल के गुस्सा जताने के बाद आया है, जिनकी बातचीत टैप की गई।
यह पूछने पर कि क्या प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह चिंतित हैं, उनके प्रवक्ता ने कहा, "प्रधानमंत्री न तो सेलफोन इस्तेमाल करते हैं और न ही उनके पास ईमेल अकाउंट है।"
उन्होंने कहा, "उनका कार्यालय ईमेल इस्तेमाल करता है, लेकिन उनका कोई पर्सनल ईमेल नहीं है...हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है और न ही चिंता करने की वजह है।"