बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने पार्टी आलाकमान को चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि वो किसी से डरने वाले नहीं हैं।
विवादित बयानों से परहेज करने की पार्टी की नसीहत पर मांझी ने कहा, मैं झुकने वाला नहीं हूं। हम अपनी बात सही ढंग से रखेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग सुझाव दे रहे हैं वो उनसे ज्यादा ज्ञानी हैं।
मांझी ने कहा कि वह जिसे समझाना चाहते हैं, वो इसी भाषा को समझते हैं। उन्होंने कहा कि हम दलितों की भाषा को यह लोग स्वीकार नहीं करते हैं। मांझी ने कहा कि दलित हमेशा उपेक्षित रहा हैं।
दशरथ मांझी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह दलित वर्ग से थे इसी लिए उचित सम्मान नहीं मिला, अगर वो दूसरी जाति के होते तो उन्हें नोबेल पुरस्कार मिल गया होता।
इससे पहले गया में उन्होंने कहा था कि अगर केंद्र सरकार बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देती है, तो उन्हें नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे लगाने में कोई दिक्कत नहीं है। इसके बाद मांझी को पार्टी ने ऐसे बयानों से परहेज करने की सलाह दी थी।