केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने टूजी स्पेक्ट्रम की नीलामी में सरकार को घाटा होने की रिपोर्ट को लेकर कैग विनोद राय पर निशाना साधा है।
साथ ही उन्होंने कैग द्वारा नुकसान के आकलन के मसले पर विनोद राय को सार्वजनिक बहस की चुनौती दी। उन्होंने यह भी पूछा कि आखिरकार टूजी स्पेक्ट्रम की नीलामी से 1.76 लाख करोड़ रुपये क्यों नहीं जुटाए जा सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि यदि नीलामी की जाती तो सरकार को 1.76 लाख करोड़ राजस्व का नुकसान नहीं होता। तथ्य यह है कि नीलामी हुई लेकिन 1.76 लाख करोड़ रुपये आखिर कहां चले गए। 22 मई को रिटायर हो रहे कैग अब विस्तृत इंटरव्यू दे रहे हैं। उनके पास अब पूरा समय होगा।
उन्होंने कहा, 'मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि वह अपने मुताबिक समय और वक्त चुन लें यहां तक वह एक या दो महीने का समय भी ले सकते हैं, इसके बाद उन्हें 2जी रिपोर्ट पर सार्वजनिक बहस करनी चाहिए। इसके बाद जनता खुद ही फैसला कर लेगी कि 2जी में घोटाला हुआ भी या नहीं।'
मनीष तिवारी ओवरसीज रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम के इतर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि टूजी स्पेक्ट्रम पर गठित जेपीसी में बहस हुई लेकिन इस बहस का खुलासा नहीं कर सकते हैं क्योंकि वह संसदीय विशेषाधिकार से बंधे हुए हैं।
कैग 22 मई को अपने पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं। एक अंग्रेजी अखबार को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि टूजी नीलामी में जीरो लॉस की थ्योरी कहकर कैग की रिपोर्ट को खारिज कर रहे कपिल सिब्बल और अन्य मंत्रियों के प्रति उन्हें गहरा खेद अनुभव हो रहा है।