अरविंद केजरीवाल को प्रचार के दौरान एक बार फिर हमले का शिकार होना पड़ा। मंगलवार को यहां एक रोड शो के दौरान एक ऑटो ड्राइवर ने उन्हें थप्पड़ जड़ दिया। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक केजरीवाल पर पिछले चार दिनों में यह दूसरा हमला है। इससे पहले दक्षिणी दिल्ली में भी रैली के दौरान एक शख्स ने उन्हें थप्पड़ मार दिया था।
केजरीवाल को थप्पड़ मारने वाले ऑटो ड्राइवर का नाम लाली है और माना जा रहा है कि ऑटो वालों से किए गए वादों को पूरा न करने की वजह से वह नाराज था। उत्तर पश्चिम लोकसभा क्षेत्र के सुल्तानपुरी इलाके में रोड शो के दौरान पहले तो उसने केजरीवाल को माला पहनाई और फिर थप्पड़ मार दिया। इसके बाद आप कार्यकर्ताओं ने उस व्यक्ति की पिटाई कर दी। बाद में पुलिस ने उसे बचाया। घटना के तुरंत बाद आप ने इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है।
अमेठी से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को चुनौती दे रहे आप के कुमार विश्वास पर भी पिछले दिनों हमले हुए हैं। केजरीवाल और कुमार विश्वास को बार-बार हो रहे हमलों पर फेसबुक और व्हाट्स एप पर लोग चटकारे ले रहे हैं।
आखिर सिसोदिया पर क्यों नहीं पड़ा थप्पड़!
ह्वाट्स एप पर किसी ने चुटकुला डाला है कि केजरीवाल और विश्वास पर बार-बार हमले हो रहे हैं लेकिन पार्टी के बड़े नेता मनीष सिसोदिया पर एक भी थप्पड़ नहीं पड़ा... कहीं इसका मतलब यह तो नहीं कि केजरीवाल के थप्पड़ों में मनीष का हाथ हो!...
पड़ा थप्पड़ तीसरी बार, अबकी बार मोदी सरकार
मोदी सरकार के इस नारे ने केजरीवाल के गाल पर पड़े थप्पड को भी लपेट लिया है। फेसबुक से लेकर व्हाट्स एप पर एक साथ ऐसे तमाम नारे आ रहे हैं जिनमें अरविंद और मोदी सरकार को जोड़ दिया गया है। उनमें से कुछ हैं...केजरी को पड़ा थप्पड़ तीसरी बार..अबकी बार मोदी सरकार..। केजरी का होगा बंटाधार..अबकी बार मोदी सरकार..। थप्पड़ के बाद जूतमपैजार... अबकी बार मोदी सरकार...। थप्पड़ के बाद आएगा बुखार... अबकी बार मोदी सरकार।
सोशल मीडिया पर नेताओं की प्रतिक्रिया
इस थप्पड़ कांड के बाद सोशल मीडिया पर नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी। आप नेता कुमार विश्वास ने लिखा कि अपने सर्कस के शेरों से बोलो कभी बिना सुरक्षा चल कर दिखाएं। बस तुम्हें अंबानी के चाबुक की आदत है जान हथेली पर रखने की कहां।
भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि थप्पड़ ड्रामे की योजना गुप्त रूप से स्वयं आप ने बनाई है। ये महज प्रचार का हथकंडा है।