कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा पर कथित रूप से जमीन घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाने वाले शिमोगा के एडवोकेट ने लोकायुक्त कोर्ट के सामने कहा है कि उसे कुछ अज्ञात लोगों ने धमकी दी है कि वह इस केस को आगे न बढ़ाए।
न्यायाधीश एनके सुधींद्र राव के समक्ष बी विनोद ने मेमो और 5 जून को तत्कालीन मुख्यमंत्री को डीवी सदानंद गौड़ा, गवर्नर, डीजीपी और गृह मंत्री को 5 जून को लिखे गए पत्र की प्रति भी पेश करते हुए कहा कि कुछ लोगों ने उन्हें फोन कर इस केस से पीछे हटने की कथित रूप से धमकी दी है। कोर्ट ने बयान को रिकॉर्ड कर लिया और 30 नवंबर तक अगली सुनवाई टाल दी है।
इससे पहले शिकायतकर्ता के वकील श्यामसुंदर ने मामले में सातवें आरोपी एचवी मंजूनाथ की जमानत याचिका के खिलाफ अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगा था। विनोद और एक अन्य वकील ने येदियुरप्पा पर जमीन अधिग्रहण मामले में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया था।
उन्होंने कहा था कि येदियुरप्पा ने अपने पद का फायदा उठाते हुए 2010 में भद्रावती में 69 एकड़ जमीन को गैर अधिसूचित कर दिया था और दो महीने बाद ही पांच बेनामी फर्म का इस्तेमाल कर इसे ट्रांसफर कर लिया था। इस मामले में मंजूनाथ को छोड़कर येदियुरप्पा, उनके बेटे और अन्य आरोपियों के खिलाफ कर्नाटक हाईकोर्ट में आपराधिक याचिका दर्ज की गई थी।